विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा का दूसरा दल शुक्रवार को अल्मोड़ा से अपने दूसरे पड़ाव धारचूला के लिए रवाना हो गया। इस दल में 8 महिला सहित कुल 48 तीर्थयात्री शामिल हैं।

इस दल में सबसे अधिक यात्री गुजरात के हैं, जबकि उत्तराखंड का एक भी यात्री इस दल में शामिल नहीं है। कैलाश पर्वत में विराजमान भगवान शिव-शंकर के दर्शन के लिए यात्रियों में काफी उत्साह है।

यात्रियों ने भोले बाबा के जयकारे लगाते हुए अपने दूसरे दिन की यात्रा शुरुआत की। यात्रा दल में भगवान भोलेनाथ के दर्शन का बड़ा उत्साह है।

कई यात्रियों को पहली बार भगवान शंकर के दर्शन करने का मौका मिल रहा है, तो कुछ यात्री कई बार भगवान शिव के दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार और कुमांऊ मंडल विकास निगम की व्यवस्था से यात्री फिलहाल खुश दिख रहे हैं।

उत्तरखंड पहुंचते ही यात्रा की जिम्मेदारी कुमाऊं मंडल विकास निगम यानी केएमवीएन की होती है, जो काठगोदाम से लेकर लिपुलेख दर्रे तक सभी यात्रियों के खाने-पीने से लेकर रहने व सामान ढोने की व्यवस्था देखती है।

काठगोदाम में सभी मानसरोवर यात्रियों को कुमाऊंनी परंपरा का सामूहिक भोजन कराकर यात्रा मार्ग के पहले पड़ाव, अल्मोड़ा की ओर रवाना किया गया।