राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लगे नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) में लगातार बढ़ रहे जनसंख्या के दबाव को देखते हुए उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून सहित देश के कई अन्य शहरों को इसी तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

शहरी विकास मंत्रालय ने डेवलपमेंट ऑफ काउंटर मैग्नेट एरिया स्कीम में दून समेत कई शहरों को जोड़ा है। इसके तहत इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्टेशन की योजनाओं के लिए बेहद कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराया जाएगा। बुधवार को शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसको लेकर चर्चा हुई।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास बसे शहरों में जनसंख्या का दबाव बढ़ने के बाद एनसीआर के विस्तार की कवायद चल रही है। दिल्ली से सटे गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम का विकास एनसीआर के रूप में किया गया है। अब यहां जनसंख्या बढ़ने के कारण विस्तार की संभावनाएं बेहद कम हैं।

ऐसे में एनसीआर के आसपास के ऐसे शहरों को विकसित करने की योजना तैयार हो रही है, जहां विस्तार की संभावना है। इस सूची में देहरादून के अलावा मेरठ, आगरा, जयपुर, भोपाल को भी शामिल किया गया है।

एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने पहली बार उत्तराखंड के अधिकारियों को बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया। एनसीआर की तर्ज पर अन्य स्थानों पर ढांचागत सुविधाओं का विस्तार और रोजगार के अवसरों की बढ़ोत्तरी के लिए उसी की तर्ज पर विकास को गति देने पर मंथन हुआ।

इसमें इकोनोमिकली वीकर सेक्शन के लिए बन रही अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम, मेट्रो, फ्लाईओवर समेत अन्य निर्माण के लिए आसानी से लोन उपलब्ध हो सकेगा।

बैठक में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे सचिव आवास आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि अभी अफोर्डेबल हाउसिंग सहित कई प्रोजेक्ट के लिए हुडको से लोन लिया जा रहा है। जिन परियोजनाओं के लिए ग्रांट नहीं मिल रहा या जहां लोन ज्यादा हो, वहां बोर्ड से लोन लिया जा सकता है।