केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को अस्थायी राजधानी देहरादून दौरे पर हैं। उनके दौरे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जमकर जुबानी जंग चल रही है। एक तरफ बीजेपी का कहना है कि गृहमंत्री ओएनजीसी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं, वहीं कांग्रेस का कहना है कि गृहमंत्री राज्य में नए सिरे से राष्ट्रपति शासन की तैयारी के तहत देहरादून आ रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष कर्णवाल का कहना है, ‘गृहमंत्री के देहरादून दौरा में राजनीतिक षडयंत्र नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री को राज्य में आने से पहले उत्तराखंड की जनता से अपने कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। फ्लोर टेस्ट से पहले राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने में उनकी अहम भूमिका रही है। पूरा देश जान चुका है कि गैर बीजेपी सरकारों को अपदस्थ करने के लिए बीजेपी और केंद्र सरकार लगातार साजिश रच रही है।’

उन्होंने कहा, ‘उत्तराखंड में भी निर्वाचित कांग्रेस सरकार को धारा 356 का दुरुपयोग कर अपदस्थ किया गया। विधानसभा द्वारा पिछले 18 मार्च को बजट पारित होने के बावजूद बजट पर केंद्र ने ताला लगा दिया है। कहा कि चार माह का लेखानुदान पारित करना भी केंद्र की सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।’

कर्णवाल ने कहा, ‘सवाल यह है कि गृहमंत्री राज्य को वित्तीय संकट में धकेलने के बाद अब किस मुंह से राज्य के दौरे पर हैं? केंद्रीय गृहमंत्री को बताना चाहिए कि आपदा की जद में खड़े तीन सौ से अधिक गांवों के सुरक्षित स्थान पर विस्थापन के लिए केंद्र सरकार समुचित धनराशि क्यों जारी नहीं कर रही है।