परमार्थ निकेतन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमन्त्री डाॅ0 रमन सिंह

ऋषिकेश | परमार्थ निकेतन के गंगा तट पर आज सायंकाल पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ भारत मिशन में काम कर रहे कर्मवीरों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान छत्तीसगढ़ के मुख्यमन्त्री डाॅ. रमन सिंह एवं परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष श्री स्वामी चिदानन्द सरस्वती द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया।
सम्मानित होने वाले लोकसेवियों में राजाजी टाईगर रिजर्व की निदेशक नीना ग्रेवाल, प्रख्यात पर्यावरणविद् ग्रीनमैन विजय पाल बघेल, पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल, डाॅ0 एस. एन. मिश्र ‘पेड़ बाबा‘, दर्शन महाविद्यालय के अध्यक्ष एवं रामायण प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष श्री गोपालाचार्य जी शास्त्री, पर्यावरण संवर्द्धन हेतु जन चेतना अभियान के संचालक पं. रवि शास्त्री, पर्यावरण-कार्यकर्ता डाॅ0 देव राघवेन्द्र ‘जंगली‘, डाॅ. संदीप आचार्य एवं दैवी सम्पद् अध्यात्म संस्कृत महाविद्यालय-परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमार आदि शामिल थे।
इस मौके पर मुख्यमन्त्री, छत्तीसगढ़, डाॅ0 रमन सिंह ने कहा कि कर्मनिष्ठा का सम्मान एक बड़ा कार्य है, जो उस कर्मयोगी को तो प्रोत्साहित करता है, अन्यों को भी श्रेष्ठ कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों को परमार्थ निकेतन द्वारा और अधिक बढ़ाया जायेगा, ताकि पर्यावरण सेवा क्षेत्र में नए-नए उत्साही व्यक्तित्व उभरकर सामने आ सकें।
कार्यक्रम में श्री दैवी सम्पद् अध्यात्म संस्कृत महाविद्यालय के ऋषिकुमारों का भी सम्मान किया गया, जिनके द्वारा बीते 15 दिनों में स्वर्गाश्रम क्षेत्र में लगातार स्वच्छता कार्यक्रम प्रतिदिन प्रातःकाल प्रभातफेरी के माध्यम से चलाये गये। विद्यार्थियों की इस टीम का नेतृत्व डाॅ. सन्दीप शास्त्री द्वारा किया गया। इसी के साथ गंगा दशहरा से जुड़े त्रिदिवसीय गंगा महोत्सव का आज समापन हो गया।