ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल ने शुक्रवार को सरकार की ओर से आयोजित एक रात्रिभोज में उस मुस्लिम धर्मगुरु को आमंत्रित करने पर खेद जताया, जिसने एक बार कहा था कि एड्स समलैंगिक होने की बिल्कुल सही सजा है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, टर्नबुल ने शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया रेडियो से बातचीत में ऑस्ट्रेलियन नेशनल इमाम काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेख शैडी अल-सुलेमान के विभेद पैदा करने वाले बयान की निंदा की। शैडी को रमजान शुरू होने के उपलक्ष्य में रखे गए एक सरकारी रात्रिभोज में आमंत्रित किया गया था।

शैडी ने पूर्व में कहा था कि समलैंगिकता एक ‘गंदी हरकत’ है, जो अपने साथ ‘गंदी बीमारियां’ लाती है। टर्नबुल ने कहा कि अगर वह शैडी के ऐसे बयानों से वाकिफ होते तो मेहमानों की सूची से उनका नाम हटा दिया जाता। उन्होंने कहा, ‘मुझे अगर पता होता कि उन्होंने समलैंगिकों के बारे में ऐसे बयान दिए हैं, तो उन्हें कभी निमंत्रण नहीं दिया जाता।’

यह मामला सामने आने के बाद शैडी ने एक बयान जारी कर पूर्व में दिए अपने बयान में इस्तेमाल किए गए शब्दों पर अफसोस जताया और अपना वह बयान वापस लिया जिसके अनुसार समलैंगिकों को उनकी समलैंगिकता के लिए दंड दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह मानते हैं कि मुसलमानों व अन्य सभी लोगों को किसी भी धर्म, नस्ल, यौन पहचान के व्यक्ति के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए।

टर्नबुल द्वारा दी गई इफ्तार पार्टी को किसी भी ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री की पहली ऐसी पहल माना जा रहा है। उन्होंने पार्टी में ऑस्ट्रेलिया के मुसलमानों की सामुदायिक एकता में भागीदारी के लिए सराहना की।