राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत रहे बहुउद्देश्यीय कर्मियों (एमपीडब्ल्यू) को दोबारा नियुक्ति मिलेगी। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ओमप्रकाश ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने महानिदेशक स्वास्थ्य, निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं और निदेशक होम्योपैथिक चिकित्सा सेवाएं को इस संबंध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

एनएचएम के तहत कार्यरत एमपीडब्ल्यू की सेवाएं कुछ समय पहले समाप्त कर दी गई थी। दोबारा नियुक्ति की मांग को लेकर एमपीडब्ल्यू कर्मियों ने लंबे समय तक आंदोलन भी किया। इस दौरान कर्मियों और विभागीय अधिकारियों के बीच खासा विवाद भी हुआ। मामले में पुलिस रिपोर्ट तक की नौबत आ गई। अब सरकार ने 196 एमपीडब्ल्यू को उपनल के माध्यम से आउटसोर्स करने की मंजूरी दी है।

उन्होंने महानिदेशक स्वास्थ्य, निदेशक आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं और निदेशक होम्योपैथिक चिकित्सा सेवाएं को दोबारा नियुक्ति का आदेश दिया। उन्होंने बताया कि 40 कर्मियों को चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अन्तर्गत रिक्त चतुर्थ श्रेणी के गैर तकनीकी पदों पर, 80 कर्मियों को आयुर्वेद विभाग में रिक्त चतुर्थ श्रेणी के पदों पर और 76 कर्मियों को होम्योपैथिक विभाग में रिक्त चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति दी जाएगी।

कर्मियों को वरिष्ठता के आधार पर क्रमश: एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथी विभाग में नियुक्ति मिलेगी। उन्होंने बताया कि इससे राज्य पर प्रतिवर्ष ढ़ाई करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पड़ेगा। नियुक्ति प्रक्रिया को स्वास्थ्य विभाग पूरा करेगा।