अब बुजुर्गों को मिलेगी लम्बी लाइन से मुक्ति, उत्तराखंड में ई-जीवन प्रमाण पत्र सेवा शुरू

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को राज्य के पेंशन धारकों की सुविधा के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण सेवा की शुरुआत की, जिससे पेंशन धारकों को अब जीवन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भाग दौड़ नहीं करनी पड़ेगी।

यह सुविधा पेंशनरों को उनके क्षेत्र में स्थित देवभूमि जन सेवा केन्द्र (सीएससी) से ही प्राप्त हो जाएगी और इससे उनका जीवन प्रमाण डिजिटल रूप में केाषागार में स्वत: ही ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगा।

अस्थायी राजधानी देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री रावत ने इस सुविधा का लाइव प्रस्तुतिकरण देते हुए एक पेशनर से उनकी आधार संख्या व बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लेने के बाद बटन दबाकर कोषागार में उनका जीवन प्रमाण प्राप्त करवाया तथा पेंशनर को उसकी ऑनलाइन प्राप्ति भी दी।

मुख्यमंत्री ने इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए कहा कि इस बात के प्रयास किए जाने चाहिए कि यह योजना अगले छह माह में पब्लिक डिमांड के रूप में नजर आए।

यह सुविधा देवभूमि जनसेवा केन्द्र से मात्र 10 रुपये में प्राप्त हो जाएगी। राज्य में इस समय 3000 से भी अधिक देवभूमि जन सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिसमें से लगभग 2400 केन्द्र अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

इन केंद्रों में ई-जीवन प्रमाण सुविधा के साथ 90 सरकारी व गैर सरकारी सेवाएं भी दी जा रही हैं। इस वर्ष सभी ग्राम पंचायतों में देवभूमि जन सेवा केन्द्र प्रारम्भ करने का लक्ष्य रखा गया है।