सोशल मीडिया पर सोमवार को विधानसभा भंग करने की खबर बड़ी तेजी से वायरल हुई। WhatsApp पर एक से दूसरे ग्रुप में इस तरह की खबरें फैलती रहीं। ताज्जुब की बात ये है कि इसमें 16 जून को विधानसभा भंग करने की तिथि भी दे दी गई। लेकिन, प्रदेश कांग्रेस ने इस तरह की किसी भी खबर को पूरी तरह से आधारहीन बताया है।

सियासी संकट झेलकर दोबारा सरकार बनाने में सफल रहे हरीश रावत इन दिनों बजट की दिक्कत से जूझ रहे हैं। केंद्र सरकार से कई बार अनुरोध करने और पत्र लिखने के बाद भी इस दिशा में कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल रहा है।

जहां सरकार अपनी घोषणाएं पूरी करने में असमर्थ साबित हो रही है, वहीं जल्द ही सरकार चलाने की राह में बड़ा वित्तीय संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे माहौल को देखते हुए यह चर्चा आम है कि सरकार विधानसभा भंग करके चुनाव में जा सकती है। यदि अभी चुनाव का ऐलान किया जाता है तो बीजेपी पर सरकार को अस्थिर करने के अलावा राज्य के विकास की राह में रोड़े अटकाने जैसे तर्क वोटरों के सामने रखे जा सकते हैं।

ऐसी ही चर्चाओं के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने हरीश रावत द्वारा 16 जून को विधानसभा भंग करने की घोषणा की तैयारी संबंधी खबर फैला दी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं के फोन इस खबर की पुष्टि के लिए लगातार बजते रहे।

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार कहा कि ऐसी चर्चाएं उनके भी सुनने में आई हैं। लेकिन, यह कोरी अफवाहें हैं। सरकार हर हाल में अपना कार्यकाल पूरा करेगी। अभी राज्य के विकास की तमाम योजनाएं हैं, जिन पर अमल करने की तैयारी चल रही है।