गलत आर्थिक सर्वे रिपोर्ट ने PM मोदी की उज्ज्वला योजना पर लगाया पलीता, अमीर भी बने जरूरतमंद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना के तहत गरीबों को फ्री रसोई गैस (LPG) देने के लिए चयनित लोगों की जो सूची केंद्र से उत्तराखंड की विभिन्न गैस एजेंसियों को भेजी गई हैं, उनमें अमीरों के नाम भी हैं।

जरूरतमंदों के चिन्हीकरण के लिए हुए आर्थिक सर्वे में यह सच सामने आया है। सूची में शामिल कई लोग सरकारी नौकरी में अच्छे पदों पर कार्यरत हैं, उनके बाकायदा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के राशन कार्ड भी बने हैं। जबकि इस सूची में केवल उन्हीं गरीब परिवारों को शामिल किया जाना था, जिनकी मासिक आय अधिकतम एक हजार रुपये से कम हो।

इस योजना के तहत अत्यंत गरीब परिवारों जिनके पास अभी तक गैस कनेक्शन नहीं है, उन्हें ही सरकार मुफ्त गैस कनेक्शन मुहैया करा रही है।

दरअसल, केन्द्र सरकार ने साल 2011 में उत्तराखंड में एक आर्थिक सर्वे करवाया था। सर्वे के बाद केन्द्र ने एक रिपोर्ट तैयार की, जिसमें गरीब परिवार जिनके पास बीपीएल राशन कार्ड हैं या वह बहुत गरीब है मगर उसके पास राशन कार्ड नहीं है को इस सूची में शामिल किया गया। जिसके बाद सरकार ने उज्ज्वला योजना निकाली।

इस योजना में गरीब परिवार की महिलाओं के नाम मुफ्त में गैस कनेक्शन मुहैया कराया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार ने इस आर्थिक सर्वे रिपोर्ट को जारी किया है। इस सूची में जिनका नाम शामिल है उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।

सूची के अनुसार एजेंसी संचालकों ने अपने स्तर पर सर्वे करना शुरू कर दिया है। सर्वे में यह जानकारी जुटायी जा रही है कि जिसका नाम सूची में है वह गरीब है या नहीं। उसके पास पहले से गैस कनेक्शन तो नहीं है, आदि जानकारियां ली जा रही है। इसी सर्वे में कुछ ऐसे नामों का खुलासा हुआ है जो सरकारी नौकरी में कार्यरत है और उनका राशन कार्ड पहले से बना हुआ है।