पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के कोटा गांव में रविवार रात गुलदार ने दस साल के एक बच्चे को मार डाला। बच्चे का अधखाया शव गांव से करीब दो किमी दूर जंगल में पड़ा मिला। घटना से पूरे इलाके में गुलदार की दहशत फैल गई है। घटना की सूचना प्रशासन को सोमवार सुबह मिली।

राजस्व पुलिस ने बच्चे का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हरिद्वार भेज दिया है। कोटा की ग्राम प्रधान प्रभा देवी ने शासन, प्रशासन और वन विभाग से घटना की पुनरावृत्ति की आशंका को देखते हुए गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने की मांग की है।

फूलचट्टी से करीब सात-आठ किमी की पैदल खड़ी चढ़ाई पर स्थित तल्ला ढांगू के कोटा गांव में मेहरबान सिंह का दस वर्षीय बेटा अभिषेक अपनी मां सुनीता देवी के साथ घर की छत पर सोया था। छत पर परिवार के 10-12 और लोग भी सोए थे। रविवार रात को करीब 12.30 बजे गुलदार छत पर आया और चुपके से अभिषेक को जबड़े में दबाकर जंगल में ले गया।

छत पर सो रहे अन्य लोगों को जब तक इसकी भनक लगी, तब तक गुलदार उसे लेकर जंगल की तरफ भाग चुका था। इस दर्दनाक घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने रात में ही बच्चे की तलाश शुरू कर दी, लेकिन अंधेरा होने की वजह से उसे ढूंढ़ा नहीं जा सका।

ग्रामीणों ने बताया कि रात को ही रेंजर, तहसीलदार व लेखपाल को घटना की सूचना देने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। सुबह करीब पांच बजे तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला से बात हो पाई तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। ग्रामीणों को सोमवार सुबह करीब पांच बजे जंगल में पानी के एक स्रोत के पास अभिषेक का अधखाया शव मिला। घटना के बाद से गांव में दहशत बनी हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही ब्लॉक प्रमुख कृष्णा नेगी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रेणू बिष्ट, कांग्रेस नेता देवेंद्र राणा और अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। एसडीएम जीआर बिनवाल ने बताया कि तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला की अगुवाई में राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंच गई थी।

प्रशासन की ओर से गुलदार को आदमखोर घोषित कर पकड़ने अथवा मारने की संस्तुति की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि गुलदार आदमखोर हो चुका है। विभाग ने देरी की तो ऐसी ही और भी घटनाएं हो सकती हैं।