उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार ने लंढौरा बवाल मामले में गढ़वाल आयुक्त को जांच सौंप दी है। शासन ने उन्हें 30 जून तक जांच पूरी करके रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

हाल ही में हरिद्वार जिले के रुड़की के पास लंढौरा में हुए बवाल की जांच राज्य सरकार ने गढ़वाल आयुक्त सीएस नपल्चयाल को सौंपी है। सरकार ने गढ़वाल आयुक्त को जांच अधिकारी नामित किया है। गढ़वाल आयुक्त को घटना के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 30 जून का समय दिया है।

एक जून को लंढौरा में दुकान खाली कराने को लेकर हाल ही में कांग्रेस से बीजेपी में आए नेता कुंवर प्रणव चैंपियन के ताऊ राजकुमार और किरायेदार महबूब के बीच विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद उपद्रव में बदल गया था।

उपद्रवियों ने चैंपियन के घर में घुसकर तोड़फोड़ की और वाहनों में आग लगा दी थी। इस मामले में पुलिस ने पूर्व विधायक चैंपियन के ताऊ राजकुमार व किरायेदार के खिलाफ मामला दर्ज की थी।

गौरतलब है कि यह मामला इतना गर्मा गया था कि बीजेपी नेता प्रणव चैंपियन के समर्थकों ने 9 जून को महापंचायत बुलाई थी। हालांकि राज्य सरकार की सख्ती के चलते यह महापंचायत हो नहीं पाई थी। बीजेपी ने इस मामले में मुख्यमंत्री हरीश रावत पर भी भेदभाव के आरोप लगाए थे।