पिथौरागढ़-सोमेश्वर में सोमवार बादल फटा, जिसके बाद मंजर देख लोगों की रुह कांप गई। यहां बादल फटने से नदियां उफान पर आ गईं और नालों का पानी व मलबा लोगों के घरों में घुस गया। मलबे से सड़कें भी पट गईं।

मूसलाधार बारिश ने पिथौरागढ़ शहर में चार किमी के दायरे में जबरदस्त तबाही मचाई। खड़कोट में एक मकान की दीवार टूट गई। सड़कों में खड़ी बाइकें तिनकों की तरह बाढ़ के पानी में बह गईं। इससे 12 बाइकों को नुकसान पहुंचा। यहां सिर्फ 25 मिनट में 36 एमएम बारिश हुई।

पिथौरागढ़ नगर में शाम चार बजे एकाएक मौसम बिगड़ा। देखते ही देखते अंधड़ शुरू हो गया। ओलों के साथ काफी तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश इतनी तेज थी कि लोगों की सांसें थम गईं। हर तरफ घुप अंधेरा छा गया। बारिश ने शहर के चार किमी के इलाके में जबरदस्त तबाही मचाई।

सिनेमा लाइन, पुलिस लाइन, रई, टिम्सिया नौला, कुंडीखोला क्षेत्र में लोगों के घरों में पानी घुस गया। रई गाड़ उफान पर आ गई। उधर, सोमेश्वर घाटी क्षेत्र में भी बादल फट गया। साईं, कोसी नदी सहित कई गधेरे उफन गए। पानी के तेज बहाव को देखते हुए कोसी बैराज के पांचों गेट खोल दिए गए।

सोमेश्वर इलाके में कई जगहों पर भू-कटाव से खेतों को नुकसान पहुंचा है। आधा दर्जन गांवों के कई घरों में पानी घुस गया है। कोसी में मलबा और गाद आने से पंपिंग बंद हो गई है। कौसानी और गरुड़ में दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। हल्द्वानी में भी सोमवार को दोपहर बाद अंधड़ के साथ झमाझम बारिश हुई। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने 15 एवं 16 जून को फिर बारिश की संभावना व्यक्त की है।

हल्द्वानी में चली आंधी से जहां पारा गिरा वहीं पेड़ और होर्डिंग्स भी टूट कर गिर गए। कई मकानों की दीवारें गिर गईं। काठगोदाम में र्स्कोपियो पर पेड़ गिर पड़ा, जिसे गाड़ी मालिक घायल हो गया और पेड़ गिरने से चार घंटे नैनीताल रोड जाम हो गई।

इसके अलावा, हल्द्वानी के एसडीएम कोर्ट के सामने बाइक सवार ठेकेदार पर होर्डिंग्स गिर पड़ा, जिससे उसका पैर टूट गया। बनभूलपुरा में मकान की दीवार गिरने से दो बच्चे घायल हो गए। काठगोदाम चौकी पर भी एक पेड़ गिर गया। हालांकि इससे कोई हताहत नहीं हुआ। शहर में चले अंधड़ की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटा थी।