उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने रविवार को गैरसैंण को जनभावना से जुडा मुद्दा बताते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से वहां स्थायी राजधानी बनाए जाने के पक्षधर हैं।

विधानसभा अध्यक्ष के सहायक सूचनाधिकारी राजेंद्र रावत द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कुंजवाल ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से गैरसैंण में स्थायी राजधानी बनाए जाने के पक्षधर हैं और वहां राजधानी बनने से पलायन रुकने के साथ ही रोजगार के अवसर भी बढेंगे।

उन्होंने कहा कि गैरसैंण के राजधानी बनने के बाद 10-15 सालों में राज्य की दशा ही बदल जाएगी तथा पर्वतीय क्षेत्रों को तेजी से विकास होगा। कुंजवाल ने बताया कि गैरसैंण-भराडीसैंण में विधानसभा का निर्माण कार्य इस साल अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में विधानसभा भवन और सचिवालय निर्माण राज्य की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

स्पीकर ने कहा कि गैरसैंण एक जनभावना से जुडा मुद्दा है और इसलिए वह चाहते हैं कि चुनाव से पहले भराडीसैंण में विधानसभा का एक सत्र हो।

पृथक राज्य की मांग को लेकर हुए आंदोलन और साल 2000 में राज्य निर्माण के बाद भी गैरसैंण राज्य के लोगों के लिए एक भावनात्मक मुद्दा रहा है।

हालांकि, पृथक राज्य आंदोलन की अगुवाई करने वाली उत्तराखंड क्रांति दल को छोड़कर बीजेपी और कांग्रेस जैसे दोनों बड़े राजनीतिक दल इस पर सीधे बोलने से अब तक बचते रहे हैं।