कॉर्बेट नेशनल पार्क में संविदा पर तैनात दो कर्मचारियों को जंगली हाथियों ने मार डाला। दोनों के क्षत-विक्षत शव वनकर्मियों ने बरामद कर संयुक्त अस्पताल पहुंचाए, जहां से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। कर्मचारियों की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को तात्कालिक सहायता के रूप में पांच-पांच लाख रुपये दिए जाने का ऐलान किया है।

ग्राम आमडंडा निवासी वीर सिंह (35) पुत्र प्रेम सिंह और गिंती गांव कोटाबाग निवासी पंकज कुमार (20) पुत्र कृपाल सिंह कॉर्बेट नेशनल पार्क के बिजरानी रेंज की मलानी में संविदा पर कार्यरत थे। वीर सिंह विभाग में बीट वॉचर और पंकज हाउस कीपर थे।

शुक्रवार शाम दोनों कॉर्बेट पार्क की बिजरानी रेंज से मलानी रेंज जाने के लिए एक बाइक से निकले। देर रात तक दोनों के मलानी न पहुंचने पर साथियों ने इसकी खबर बिजरानी रेंज को दी। वहां से बताया गया कि दोनों घंटों पहले ही मलानी रेंज के लिए निकल चुके हैं। इस सूचना के बाद मलानी और बिजरानी रेंज के वनकर्मियों ने अभियान चला।

वनकर्मियों के लापता होने की खबर मिलते ही पार्क के उपनिदेशक डॉ. साकेत बडोला, रेंजर बिजरानी जयपाल रावत भी अधीनस्थों के साथ मौके पर पहुंचे। सर्च लाइट के साथ चलाए गए अभियान के दौरान मलानी, बिजरानी रेंज के बीच में दोनों वनकर्मियों की बाइक एक स्थान पर गिरी मिली।

इसी स्थान पर जंगली हाथियों का एक झुंड भी वनकर्मियों को मिला, जिसे हवाई फायरिंग कर भगाने के बाद वनकर्मियों ने दोनों की तलाश में आसपास का क्षेत्र खंगाला। इसके बाद दोनों वनकर्मियों के क्षत-विक्षत शव मौके से बरामद किए गए। शवों की स्थिति को देखकर साफ लग रहा था कि दोनों हाथियों के हमले का शिकार हुए हैं।

शव बरामद होने के बाद वनकर्मियों ने हादसे की खबर रात को ही अधिकारियों और वनकर्मियों के परिजनों को दी। साथ ही दोनों के शवों को संयुक्त अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर पोस्टमार्टम कर शव परिजनों के हवाले कर दिए गए।