सोमेश्वर से कांग्रेस की बागी विधायक रेखा आर्य और घनसाली से बीजेपी के बागी विधायक भीमलाल आर्य की सदस्यता दलबदल कानून के तहत समाप्त हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दोनों सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का फैसला सुनाया।

विधानसभा अध्यक्ष के इस फैसले के बाद अब विधानसभा में सदस्यों की संख्या 61 से घटकर 59 हो गई है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत सहित नौ सदस्यों के खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई हो चुकी है।

सोमेश्वर विधायक रेखा आर्य और घनसाली विधायक भीमलाल आर्य ने गत 10 मई को फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए मतदान किया था। सोमेश्वर विधायक रेखा आर्य ने कांग्रेस और विधायक भीमलाल आर्य ने बीजेपी से बगावत कर क्रॉस वोटिंग की थी।

बीजेपी के मुख्य सचेतक विधायक मदन कौशिक की ओर से विधायक भीमलाल आर्य के खिलाफ और कांग्रेस की मुख्य सचेतक डॉ. इंदिरा हृदयेश की ओर से विधायक रेखा आर्य के खिलाफ दलबदल कानून के तहत याचिका दायर की गई थी।

विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने दोनों विधायकों के वकीलों और याचिकाकर्ता के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद दोनों विधायकों को पार्टी व्हिप के खिलाफ जाकर वोटिंग करने का दोषी पाया। विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का आदेश सुनाया।

फैसले के बाद भीमलाल आर्य ने कहा कि जो फैसला सुनाया गया है, वह स्वीकार है। इस फैसले को न ही हाईकोर्ट और न ही सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देंगे। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, विधायक सुबोध उनियाल, प्रदीप बत्रा, कुंवर प्रणव सिंह ‘चैंपियन’, अमृता रावत, शैलारानी रावत, शैलेंद्र मोहन सिंघल, उमेश शर्मा काऊ को दलबदल करने पर अपनी विधायकी गंवानी पड़ी थी।

राज्य गठन के बाद यह पहली बार है जब 70 सदस्यीय सदन में 11 सदस्यों को दलबदल कानून के तहत अपनी विधायकी छोड़नी पड़ी है।