समूचे उत्तराखंड में 100 नई इंदिरा अम्मा कैंटीन खोली जाएंगी। साथ ही इन्हें पूरी तरह वैट फ्री भी रखा जाएगा। गुरुवार को दून अस्पताल स्थित इंदिरा अम्मा कैंटीन का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य मार्गों पर भी कैंटीन खोली जाएगी।

दोपहर करीब तीन बजे दून अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री ने इंदिरा अम्मा कैंटीन का निरीक्षण किया। उन्होंने कैंटीन संचालित कर रही स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को गुलदस्ता देकर सम्मानित किया। उसके बाद उन्होंने किचन का निरीक्षण किया। वहां महिला कर्मियों ने उन्हें गुरुवार के मेन्यू के अनुसार बनाए व्यंजन परोसे।

भोजन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। हर साल महिला स्वयं सहायता समूहों को होने वाले मुनाफे पर सरकार पांच फीसदी बोनस देगी। इस अवसर पर संसदीय सचिव राजकुमार, सीडीओ आलोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट एलएन मिश्रा, दून अस्पताल के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ. केके टम्टा मौजूद रहे।

अस्पताल की समस्याओं से मुख्यमंत्री ने भी पीठ फेरी
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी पीठ फेर ली है। गुरुवार को अस्पताल पहुंचने के बावजूद मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं का संज्ञान लेने की जहमत नहीं उठाई। अव्यवस्था और दवा संकट के सवालों का जवाब देने के बजाय कुछ और समय देने की बात कहकर उन्होंने मामले को टाल दिया।

अस्पताल की अव्यवस्थाओं का हाल किसी से छुपा नहीं है। अस्पताल में आए दिन दवाएं न होने के कारण मरीजों को बाजार से दवा खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अलावा भी कई तरह की परेशानियों से मरीज रोजाना दो चार हो रहे हैं। सब कुछ जानने के बाद व्यवस्था में सुधार की कोशिश नहीं की जा रही है।

अब मुख्यमंत्री के भी आंखें फेर लेने के बाद बची-खुची उम्मीदें भी खत्म हो गई हैं। अस्पताल पहुंचे सीएम कैंटीन का निरीक्षण कर लौट गए। जब मीडियाकर्मियों ने उनसे दवा संकट के संबंध में सवाल पूछे तो उन्होंने जल्द सुधार का वादा रूपी झुनझुना पकड़ा दिया।