अब अपने मंत्रिमंडल में गढ़वाल के नेताओं को भी शामिल करेंगे हरीश रावत!

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को कहा कि यह महज संयोग है कि उनकी सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कुमायूं क्षेत्र के नेता बैठे हैं। यही नहीं उन्होंने साफ संकेत दिया कि उनके मंत्रिमंडल विस्तार में गढ़वाल क्षेत्र के लोगों को जगह मिल सकती है।

रावत ने कहा, ‘यह महज संयोग है कि सरकार और पार्टी में कई महत्वपूर्ण पदों पर आप कुमायूं क्षेत्र के नेताओं को बैठे देखते हैं। हम किसी क्षेत्र विशेष को प्राथमिकता नहीं देते। जब भी मैं अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करूंगा तो दूसरे पक्ष (गढ़वाल) को भी जगह देकर संतुलन बनाया जा सकता है।’

हरीश रावत के मंत्रिमंडल में दो जगहें खाली हैं। एक पद परिवहन मंत्री सुरेंद्र राकेश के पिछले साल निधन के बाद खाली हो गया था, वहीं दूसरा पद कृषि मंत्री हरक सिंह रावत के मार्च में बागी होने और फिर इस्तीफे के बाद खाली हो गया।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा, ‘हमारी केवल एक पहचान है। हम सभी उत्तराखंडी हैं। अपनी सोच को क्षेत्रीय आधार पर नहीं बांटें।’ कुमायूं के नेता प्रदीप टमटा को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर पार्टी के अंदर असंतोष के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक है, क्योंकि राज्य के एक दलित नेता को पहली बार राज्यसभा में प्रतिनिधित्व के लिए भेजा जा रहा है।

पार्टी और सरकार में सभी महत्वपूर्ण पद कुमायूं क्षेत्र के नेताओं को जाने से राज्य कांग्रेस के एक वर्ग में असंतोष बना हुआ है। मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता आर्या और राज्यसभा के लिए पार्टी के उम्मीदवार प्रदीप टमटा आदि सभी कुमायूं से आते हैं।