आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, भोजन माताओं, एएनएम और दाईयों पर हरीश रावत सरकार मेहरबान होने जा रही है। राज्य की 33000 भोजन माताओं और 25000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की जाएगी। कार्यकर्ताओं को ग्रीष्मकालीन अवकाश देने की भी योजना है।

इसके अलावा अब एएनएम और दाइयों को प्रतिमाह 400 रुपये मानदेय मिलने लगेगा। अभी तक केस के हिसाब से ही एएनएम को भुगतान किया जाता था। आशा कार्यकर्ताओं को लक्ष्य पूरा करने पर अधिकतम 6000 रुपये तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। राज्य में इस समय 12000 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं।

बुधवार को राज्य महिला सशक्तिकरण अभियान को गति देने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अफसरों से कहा कि भोजन माताओं के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी कर इसे 2000 रुपये प्रति माह कर दिया जाए।

उन्होंने आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों के पदों की संख्या में 20 फीसदी वृद्धि करने और कार्यकर्ताओं को ग्रीष्मकालीन अवकाश देने का निर्देश भी दिया। बताया कि राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय पूरे देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि आशाएं हमारे ग्रामीण स्वास्थ्य सिस्टम की धुरी हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए योजना बनाई जाए।

कार्ययोजना ऐसी बनाई जाए कि लक्ष्य का 80 फीसदी हासिल करने पर 5000 रुपये, 90 फीसदी तक हासिल करने पर 5500 रुपये और इससे अधिक लक्ष्य हासिल करने पर 6000 रुपये की प्रोत्साहन राशि आशाओं को मिले। एएनएम और दाइयों को 400 रुपये प्रतिमाह का मानदेय दिया जाए। महिला समाख्या को राज्य द्वारा टेकअप करने के निर्देश दिए।

साथ ही पीआरडी में भर्ती महिलाओं को रोजगार परक स्किल देने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। इंदिरा अम्मा कैंटीन व हस्तशिल्प में कार्यरत महिला स्वयं सहायता समूहों को टर्नओवर पर पांच प्रतिशत का बोनस दिया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य महिला सशक्तीकरण है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तीकरण योजना’ को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव ओमप्रकाश, राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य के पिछड़े वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राजा विजयपाल सिंह छात्रवृत्ति कोष स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस कोष में 2016-17 के लिए 50 लाख रुपये की धनराशि रखने और संचालन के लिए एक समिति का गठन करने का निर्देश उन्होंने दिया है।