विधायकों की खरीद-फरोख्त संबंधी स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआई ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मंगलवार को दोबारा पूछताछ की। हरीश रावत मंगलवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय पहुंचे।

गौरतलब है कि सीबीआई प्रिलिमनरी एन्क्वायरी (पीई) के आधार पर इस मामले की पड़ताल कर रही है। अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पीई के आधार पर सीबीआई किसी आरोपी को समन नहीं कर सकती। हरीश रावत एजेंसी के अनुरोध पर पूछताछ के लिए पेश हो रहे हैं। मुख्यमंत्री से 24 मई को भी दिल्ली में पूछताछ की गई थी।

स्टिंग ऑपरेशन मामले में हरीश रावत को उमेश कुमार नाम के कथित पत्रकार के फोन से बागी कांग्रेस विधायक को फ्लोर टेस्ट में साथ देने के लिए घूस देने की बात करते रिकॉर्ड किया गया है।

हालांकि वह फ्लोर टेस्ट हो नहीं हो सका, क्योंकि तय तारीख से एक दिन पहले राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया। सीबीआई ने 20 अप्रैल को इस मामले में पीई दर्ज की थी।

हालांकि दोबारा बहाल होने के बाद हरीश रावत सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की अधिसूचना खारिज कर दी थी, लेकिन सीबीआई ने अपनी जांच जारी रखी।

बाद में हरीश रावत को अदालत से भी राहत नहीं मिली। रावत पहले तो उस स्टिंग के टेप को फर्जी बताते रहे, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि स्टिंग में कैमरे पर वही थे।