‘वैवाहिक बलात्कार कानून तो बन सकता है, लेकिन शिकायत नहीं करेंगी महिलाएं’

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने मंगलवार को कहा कि यदि वैवाहिक बलात्कार के खिलाफ भारत में कानून बन भी जाए तो महिलाओं द्वारा ऐसे अपराध के बारे में शिकायत करने की संभावना नहीं है। मेनका कुछ महीने पहले भी बयान दे चुकी हैं कि ‘वैवाहिक बलात्कार की अवधारणा भारतीय संदर्भ में लागू नहीं की जा सकती।’

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि मौजूदा घरेलू हिंसा कानून के तहत महिलाएं वैवाहिक बलात्कार की शिकायत दाखिल कर सकती हैं।

विज्ञान भवन में महिला पत्रकारों की एक कार्यशाला में मेनका ने कहा, ‘महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर हमारे पास पहले से कानून है और उसमें वैवाहिक बलात्कार भी शामिल है। मुद्दा यह है कि इसके तहत कभी शिकायत नहीं की गई। कभी नहीं। हम घरेलू हिंसा कानून का इस्तेमाल कर सकते हैं और तब इस पर आगे बढ़ सकत हैं, लेकिन फिलहाल इस बाबत एक भी शिकायत नहीं है।’

मेनका ने कहा, ‘अपने पतियों से बहुत नाराज और उनसे नफरत करने वाली महिलाएं उन्हें खत्म करना चाहती हैं और फिर भी दो बच्चे होते हैं और वे उनके बारे में सोचती हैं और वे फैसला लेती हैं। वैवाहिक बलात्कार पर कानून बन सकता है, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि कोई शिकायत ही नहीं करेगी।’

केंद्रीय मंत्री ने इससे पहले यह बयान देकर विवाद पैदा कर दिया था कि वैवाहिक बलात्कार की अवधारणा भारतीय संदर्भ में ठीक तरीके से फिट नहीं बैठती। इस कार्यशाला में देशभर से 250 महिला पत्रकारों ने हिस्सा लिया।