जिला कांग्रेस अध्यक्षों को सरकार में जवाबदेही दी जानी चाहिए : किशोर उपाध्याय

राज्य में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को गिराने के केंद्र के ‘षड्यंत्र’ को विफल करने में जिला कांग्रेस अध्यक्षों की भूमिका को देखते हुए ‘बदले में’ उन्हें सरकार में जवाबदेही दी जानी चाहिए। यह बात उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कही है।
उपाध्याय ने कहा, ‘हमारे कार्यकर्ता हमारी रीढ़ हैं। उनकी उपेक्षा नहीं की जा सकती। विधायक पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत के कारण विधायक बनते हैं। इसलिए विधायकों को सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी वक्त वे पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए पहुंच से दूर नहीं हों।’ समझा जाता है कि प्रदीप टम्टा को राज्यसभा का टिकट दिए जाने के बाद उपाध्याय नाराज चल रहे हैं।

यह पूछने पर कि क्या हाल में उत्तराखंड में पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने का कोई उदाहरण है तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान देकर ही अपने पहले के गौरव को हासिल कर सकती है।

यह पूछने पर कि क्या राज्यसभा का टिकट नहीं दिए जाने से वह मुख्यमंत्री हरीश रावत से नाराज होकर इस तरह का बयान दे रहे हैं, तो उपाध्याय ने कहा कि वह किसी से नाराज नहीं हैं, क्योंकि उन्हें जो काम दिया गया है उसे करने में वह विश्वास करते हैं और वह खुशी से पीसीसी के अध्यक्ष बने हैं।

उन्होंने कहा, ‘मैं केवल पार्टी के बारे में सोचता हूं। मेरा मानना है कि इंदिरा गांधी के समय का इसका गौरव तभी लौट सकता है जब पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया जाएगा।’ गढ़वाल मंडल में सोमवार को जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक के दौरान उपाध्याय ने हरीश रावत सरकार को बहाल करने की खातिर राज्य में ‘लोकतंत्र बचाओ अभियान’ चलाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा, ‘राज्य में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को गिराने के केंद्र के षड्यंत्र को विफल करने में जिला अध्यक्षों ने जो भूमिका निभाई उसके बदले उन्हें सरकार में जवाबदेही दी जानी चाहिए।’