अमरिंदर बोले, ‘बेटे को फंसाकर अमृतसर लोकसभा सीट पर मुझसे हार का बदला ले रहे हैं जेटली’

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने सोमवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली उनके और उनके परिवार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय तथा आयकर विभाग का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने जेटली को चुनौती देते हुए कहा कि वह उनके बेटे के खिलाफ लगे आरोपों को साबित करके दिखाएं।

ईडी ने कथित विदेशी मुद्रा उल्लंघनों और बिना टैक्स चुकाए विदेशी संपत्तियां रखने के मामले में अमरिंदर के बेटे रणइंद्र के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में उसे सम्मन भेजा है।

अमरिंदर ने कहा, ‘क्योंकि जेटली की एजेंसियां किसी पर बेबुनियाद आरोप लगाती हैं, केवल इसलिए कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता। मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि मेरे बेटे के खिलाफ लगे सभी आरोपों को अदालत में साबित करके दिखाएं।’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘ईडी, आयकर विभाग उनके (जेटली के) मंत्रालय के अधीन आते हैं और वह मुझसे (अमृतसर लोकसभा सीट पर हार का) बदला लेने के लिए मेरे और मेरे परिवार के सदस्यों के खिलाफ इन एजेसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं।’

उन्होंने दावा किया, ‘पहले मेरी पत्नी थी, अब मेरा बेटा है। कल मैं भी हो सकता हूं, जिसके खिलाफ वो आरोप लगाएंगे, क्योंकि चुनाव का मौसम है। यह पंजाब चुनावों तक होता रहेगा। चुनाव नजदीक होने की वजह से ऐसा हो रहा है।’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘लेकिन देश में कानून है और हमें अपनी न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। अंतत: ये सारे आरोप बेकार साबित होंगे।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे भी आयकर विभाग से नोटिस मिला था, जब मैं अमेरिका में था। मैंने उसका जवाब दिया था। हम बेदाग निकलेंगे। कोई अवैध काम नहीं किया गया और भारतीय कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया गया।’

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ईडी ने रणइंद्र को धन कथित रूप से स्विट्जरलैंड भेजे जाने और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में एक ट्रस्ट बनाने व कुछ सहयोगी कंपनियां बनाने के बारे में सफाई देने के लिए सम्मन भेजा है।

अमरिंदर ने कहा कि आयकर विभाग पहले भी इन मामलों की जांच कर चुका है और इस बाबत फिलहाल पंजाब की अदालत में मामला चल रहा है। मामले में अगली सुनवाई 26 जुलाई को है। अमरिंदर ने दावा किया कि जब 2005 में मामला उठा था तब जांच एजेंसियों को उनके और उनके परिजनों के खिलाफ कुछ गलत नहीं मिला था।

अमृतसर से लोकसभा सांसद ने आरोप लगाया कि 2014 में लोकसभा चुनावों के दौरान बाड़मेर में नरेंद्र मोदी ने भी उनके खिलाफ बयान दिए थे, जिनका मकसद अमृतसर में जेटली को चुनाव जिताने में मदद करना था।

उन्होंने दावा किया, ‘जब बीजेपी ने सरकार बना ली, तो जेटली ने एक बहुत वरिष्ठ अधिकारी से दो महीने के भीतर मेरे खिलाफ एक मामला दर्ज करने को कहा था। कुछ महीने बाद अधिकारी ने उन्हें बताया कि मेरे खिलाफ कुछ गड़बड़ नहीं है।’

अमरिंदर ने आरोप लगाया, ‘जेटली संकीर्ण सोच वाले आदमी हैं। वह पी. चिदंबरम, वीरभद्र सिंह के साथ ऐसा कर चुके हैं।’ सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर की कथित भूमिका के सवाल पर अमरिंदर ने साफ किया कि उन्होंने कभी किसी को या टाइटलर को क्लीनचिट नहीं दी है।

अमरिंदर ने दोहराया कि उन्होंने केवल इतना कहा था कि जब उन्होंने सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों से मुलाकात की थी, तो किसी ने टाइटलर का नाम आरोपी के तौर पर नहीं लिया। जो नाम आए वे सज्जन कुमार, एच.के.एल भगत, धर्मदास शास्त्री, ललित माकन और अर्जन दास के थे।