पिछले तीन दिन से दोपहर बाद रुद्रप्रयाग के केदारघाटी में आंधी और मूसलाधार बारिश का सिलसिला बना हुआ है। वहीं जिला मुख्यालय सहित कई क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। राज्य की अस्थायी राजधानी देहरादून में भी दोपहर बाद तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश हुई। जिससे गर्मी से कुछ राहत मिली।

रविवार शाम को पौड़ी गढ़वाल के इलाकों में भी तेज बारिश शुरू हो गई। देहरादून में आंधी इतनी तेज थी कि कई जगह पर पेड़ टूट गए। दून के लालपुल पर सड़क किनारे लगा होर्डिंग विक्रम पर जा गिरा। किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

रविवार को केदारनाथ में दोपहर 11.30 बजे से बारिश शुरू हो गई थी। वहीं केदारघाटी के गुप्तकाशी व ऊखीमठ सहित मद्महेश्वर और तुंगनाथ घाटी के गांवों में दो बजे के बाद करीब एक घंटा मूसलाधार बारिश हुई है। इस दौरान गाड़, गदेरे और नाले उफान पर रहे।

कुछ स्थानों पर तेज अंधड़ से लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग समेत आसपास के इलाकों में बीते दो दिन से उमस भरी गर्मी हो रही है। भले ही दोपहर बाद आसमान में हल्के बादल छाने और तेज हवा चलने से गर्मी से कुछ राहत मिली।

तिलवाड़ा में अतिवृष्टि के चार दिन बाद भी जखोली ब्लॉक के मवाणगांव में पेयजल सप्लाई बहाल नहीं हो पाई है। दो जून को हुई भारी बारिश और अतिवृष्टि से गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। ऐसे में गांव के 60 परिवार गदेरे का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।

सूर्यप्रयाग-बंदरतोली-मवाणगांव पर बनी पुलिया ढहने से क्षेत्र के बरसारी, उरोला, नाग-धारकोट, पूर्वियाणा, अठोला, मरगांव गांव के ग्रामीणों का तिलवाड़ा व ब्लाक मुख्यालय जखोली से संपर्क कट गया है।

प्रधान ने बताया कि राजस्व इंस्पेक्टर के निरीक्षण के तीन दिन बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इधर, राजस्व उप निरीक्षक सतीश भट्ट ने बताया कि नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट तहसील मुख्यालय को सौंप दी गई है।