सांकेतिक तस्वीर

हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर सोमवार को जाट आंदोलन दूसरा दिन है। राज्य के 15 जिलों के 15 गांवों में जाट समुदाय के लोग धरने पर बैठे हैं। पहले दिन धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहने के बाद सरकार और प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है।

इस बार जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने शहरों की बजाय गांवों में ही धरना प्रदर्शन का फ़ैसला लिया है। साथ ही रेल और सड़क मार्ग पर धरना नहीं देने का आश्वासन दिया गया है। यह धरना प्रदर्शन 15 दिन तक चलेगा।

इस बीच राज्य सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो फिर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है। राज्य के आठ ज़िलों झज्जर, सोनीपत, रोहतक, पानीपत, हिसार, जींद, फ़तेहाबाद और कैथल कुल आठ जिलों में धारा 144 लागू है।

हरियाणा पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की 55 टुकड़ियां तैनात की गई हैं। रोहतक और सोनीपत में मोबाइल इंटरनेट सेवा और बल्क एसएमएस भेजने की सुविधा पर पाबंदी है। राज्य से गुज़रने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेल लाइन के दोनों तरफ़ एक किलोमीटर तक धारा 144 लागू है।

हरियाणा में जाट आंदोलन को देखते हुए हरियाणा से लगनेवाले दिल्ली के सीमावर्ती इलाक़ों में एहतियातन धारा 144 लगाई जाएगी। दक्षिण पश्चिमी दिल्ली, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, उत्तर पूर्वी दिल्ली की कई कॉलोनियां हरियाणा की सीमा से सटी हुई हैं, इन सभी इलाक़ों में सोमवार से धारा 144 लागू होगी।

दिल्ली पुलिस ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। फरवरी में जाट आंदोलन के वक़्त दिल्ली के मुखर्जी नगर और नज़फ़गढ़ इलाक़े में भी प्रदर्शन हुआ था, जिसके मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने इस बार यह फ़ैसला लिया है।