मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को केदारनाथ पहुंचकर योग एवं चिंतन केंद्र का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने यहां यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।

इस दौरान केदारनाथ में दोपहर बाद बारिश होने के कारण मुख्यमंत्री को लगभग पांच घंटे तक केदारनाथ में ही रुकना पड़ा। बारिश रुकने के बाद मुख्यमंत्री लगभग पांच बजे देहरादून के लिए रवाना हुए।

रविवार सुबह मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा के दरबार में पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीर्थ यात्रियों से भी बातचीत की, जबकि तीर्थ पुरोहितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानी।

मुख्यमंत्री ने दस करोड़ की लागत से बनने वाले योग एवं चिंतन केंद्र का शिलान्यास करते हुए कहा कि इस बार केदारनाथ यात्रा अपने पुराने स्वरूप में लौट आई है।

एक महीने के भीतर केदारनाथ के दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या दो लाख होने वाली है। जिससे देश-विदेश में एक अच्छा संदेश जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपदा के जख्म धीरे-धीरे पीछे छूटते जा रहे हैं।

हरीश रावत ने कहा कि तीर्थ पुरोहितों की समस्याओं को दूर किया जाएगा। यात्रियों को केदारनाथ में और भी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

तीर्थ यात्रियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केन्द्र बनने से केदारनाथ आने वाले तीर्थ यात्री कुछ समय के लिए केन्द्र में ध्यान एवं योग करेंगे।

उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग जिले में विधायकों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। विकास कार्य होते रहेंगे। वहीं दूसरी ओर दोपहर बाद केदारनाथ में मौसम खराब हो गया और बारिश शुरू हो गई।

मुख्यमंत्री को केदारनाथ के बाद चमोली जाना था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण मुख्यमंत्री चमोली नहीं जा पाए। लगभग पांच घंटे तक मुख्यमंत्री को केदारनाथ में ही रुकना पड़ा।