जिले के रुड़की क्षेत्र में लंढौरा की तरफ कूच करने से रोकने पर हरिद्वार से बीजेपी सांसद रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा एसएसपी राजीव स्वरूप को फोन पर धमकी देने का मामला सामने आया है। निशंक ने कहा कि पुलिस उत्तराखंड सरकार के दबाव में है और इसीलिए उन्हें लंढौरा नहीं जाने दिया गया। निशंक ने कहा कि ऐसा करना गलत है।

शनिवार को ‌बीजेपी सांसद रुड़की के लंढौरा में कुछ ‌दिन पहले हुए आगजनी की घटना का जायजा लेने जा रहे थे। उस दौरान पुलिस ने निशंक के काफिले को रोक लिया और निशंक सहित सभी को पुलिस लाइन ले जाया गया।

लंढौरा की तरफ कूच कर गए सांसद रमेश पोखरियाल निशंक एवं उनके समर्थकों की घेराबंदी के दौरान वेव सिनेमा में फिल्म देख रहे एसओ सिडकुल से एसएसपी राजीव स्वरूप ने चार्ज छीन लिया। अब यह चार्ज दोबारा ऋतुराज को सौंपा गया है।

शनिवार को जब पूरे जिले की पुलिस रमेश पोखरियाल निशंक के काफिले को रोकने में जुटी थी, वहीं एसओ सिडकुल रमेश तनवार वेब सिनेमा में फिल्म देखने में मस्त थे। ऐसा लगा जैसे उन्हें पूरे घटनाक्रम से बिल्कुल भी कोई लेना नहीं था।

तमाम आला अफसरों ने पूरे मामले की जानकारी एसएसपी को दे दी। स्थानीय सांसद अपने समर्थकों के साथ हरिद्वार से लंढौरा के निकले थे। पुलिस की योजना थी कि उन्हें शांतरशाह पर ही रोक लेंगे। लेकिन पुलिस की योजना धरी की धरी रह गई थी और निशंक देहात के रास्ते लंढौरा की तरफ आगे बढ़ गए। जैसे-तैसे लंढौरा पहुंचने से पहले ही निशंक के काफिले को थाम लिया गया। फिर निशंक सहित सभी भाजपाईयों को रोशनाबाद पुलिस लाइन ले जाया गया।

अफसरों ने जब एसओ सिडकुल रमेश तनवार को गायब पाया तो उनकी खोज शुरू हुई। तब पता चला कि एसओ साहब वेब सिनेमा में फिल्म देख रहे हैं। जब आला अफसरों ने लताड़ लगाई तो वे आनन-फानन में वहां पहुंच गए।

एसओ की इस हरकत से एसएसपी को अवगत करा दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि वे खुद इस मामले पर संज्ञान लेंगे। बताते है कि उन्हें कुमांऊ मंडल के एक कद्दावर कांग्रेसी नेता की मेहरबानी के चलते ही मलाईदार पोस्टिंग मिली है।