धार्मिक किताब के अपमान पर लंढौरा में बवाल, चैंपियन बोले प्रदेश सरकार की साजिश

फोटो साभार - लाइवहिंदुस्तान

किराये की दुकान खाली कराने के दौरान धार्मिक किताब नीचे गिरने से लंढौरा में बवाल हो गया। इसके बाद लोगों ने जाम लगाने के बाद चौकी पर पथराव कर तीन कारों में आग लगा दी और दो में तोड़फोड़ की। भीड़ ने भाजपा नेता प्रणव चैंपियन के घर पर भी तीन वाहन फूंक दिए।प्रणव सिंह चैंपियन के ताऊ कुंवर कृष्ण सिंह की दुकान हाफिज महबूब ने किराये पर ली है।

हाफिज का ढंडेरा के युवक से लेनदेन का मामला चल रहा था। इसी मामले को लेकर बुधवार को दूसरे पक्ष ने दुकान मालिक को साथ लेकर जबरन किताबें हटानी शुरू कर दीं। आरोप है कि इसी दौरान एक धार्मिक किताब नीचे गिर गई। इस पर दोनों में विवाद हो गया।

इसकी जानकारी मिलते ही इलाके में माहौल गर्मा गया और लोग जाम लगाकर आरोपियों की गिरफ्तार की मांग करने लगे। जानकारी मिलने पर कांग्रेसी नेता काजी निजामुद्दीन, विधायक फुरकान अहमद, चौधरी राजेंद्र सिंह ने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन भीड़ उग्र होती चली गई। भीड़ ने चौकी का घेराव कर दिया।

लंढौरा में हुए बवाल को पूर्व विधायक प्रणव चैंपियन ने प्रदेश सरकार की सुनियोजित साजिश करार दिया। कहा कि क्षेत्र में हमारी लोकप्रियता व जनाधार से बौखलाए हरीश रावत अब ओछी राजनीति पर उतर आए हैं।

आरोप लगाया कि बवाल के बाद डीजीपी, आईजी और एसएसपी को उन्होंने कई फोन किए। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की। रंगमहल में तोड़फोड़ और आगजनी के दौरान भी एसएसपी को फोन किया। लेकिन उन्होंने फोन तक नहीं उठाया।

बवाल के दौरान मौके पर पहुंचे कलियर विधायक फुरकान, मंगलौर के पूर्व विधायक निजामुद्दीन और कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह पर भी चैंपियन ने हमला बोला।

कहा कि इन नेताओं के उकसावे में कुछ लोगों ने उनके महल में तोड़फोड़ की। धर्मग्रंथ के अपमान के बारे में उनका कहना था कि धर्मग्रंथ का सम्मान हमारे संस्कारों में है। अपमान पर तो हमारा परिवार सोच भी नहीं सकता।