स्टिंग ऑपरेशन मामले में मुख्यमंत्री हरीश रावत को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत

मुख्यमंत्री हरीश रावत को आंशिक राहत देते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई को निर्देश दिया कि एक ‘स्टिंग ऑपरेशन’ से संबंधित मामले की शुरुआती जांच में उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।
इस स्टिंग ऑपरेशन में उन्हें बागी कांग्रेस विधायकों के साथ कथित तौर पर सौदेबाजी करते हुए दिखाया गया है। उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के दौरान इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश को लेकर जारी एक अधिसूचना को निरस्त करने की मांग वाली रावत की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने जांच एजेंसी से इस मामले की शुरुआती जांच के दौरान मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने को कहा।
पीठ ने सीबीआई और रावत दोनों से आठ जून तक अपने अपने हलफनामे और प्रत्युत्तर दायर करने को कहा और इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 20 जून की तारीख तय की। हाईकोर्ट ने हरीश रावत से इस मामले की शुरुआती जांच में सीबीआई के साथ पूरा सहयोग करने को कहा।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सर्वेश गुप्ता ने 20 मई को वह अधिसूचना खारिज करने से इंकार किया था जिसमें सीबीआई को रावत के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन की जांच की सिफारिश की गई थी। अदालत ने कहा था कि इस समय यह संभव नहीं है।
हाईकोर्ट ने राज्य कैबिनेट के अधिकार पर भी सवाल उठाए जिसने रावत की बहाली के तुरंत बाद स्टिंग सीडी की सीबीआई जांच की सिफारिश वाली अधिसूचना वापस ले ली थी।