एशिया के कच्चे बाधों में सबसे बड़े कालागढ़ स्थित रामगंगा बाध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बारिश का पानी भरना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग के अधीन वाले इस बांध का कैचमेंट एरिया करीब 80 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जो अल्मोड़ा और पौड़ी जिले की सीमाओं में स्थित है।

रामगंगा बांध के जलस्तर की क्षमता 365.5 मीटर है और इससे उत्तर प्रदेश के एक दर्जन से ज्यादा जिलों की सिचाई की जरूरतें पूरी होती हैं। एशिया के कच्चे बांधों में सबसे बड़े रामगंगा बांध से उत्तराखंड जल विधुत निगम के कालागढ़ स्थित पावर हाउस को भी पानी दिया जाता है, जिससे बिजली उत्पादन होता है। उत्तराखंड़ सरकार इससे हर सालों करोड़ो रुपये की बिजली का मुनाफा कमाती है।

पौड़ी जिले की भौगोलिक सीमा में स्थित रामगंगा बांध वन विभाग की भूमि पर बनाया गया है और इस क्षेत्र में बाग भी आसानी से देखे जा सकते हैं। पर्यटन सीजन में पर्यटकों की भी इस क्षेत्र में खासी चहल-पहल देखने को मिलती है।

हालांकि पर्यटकों की सुरक्षा इस क्षेत्र में भगवान भरोसे है, लेकिन बावजूद इसके पर्यटकों की यह खासा पसंद वाला क्षेत्र रहा है।