विभिन्न बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने के मामले में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे शराब उद्यमी विजय माल्या और उनके समूह की बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइन्स लिमिटेड ने बैंकों का बकाया धन चुकाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बुधवार को मोहरबंद लिफाफे में एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें कहा गया है कि वे भारतीय स्टेट बैंक और अन्य बैंकों द्वारा दिए गए 6,903 करोड़ रुपये के ऋण में से 4000 करोड़ रुपये सितंबर तक लौटाने को तैयार हैं।

कर्जदाता बैंकों के कंसोर्टियम की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया कि प्रस्ताव में माल्या की कंपनियों के द्वारा दायर किए गए लंबित मुकदमों के आधार 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का भी उल्लेख किया गया है, लेकिन उन्होंने उन मुकदमों के बारे में नहीं बताया।

यह प्रस्ताव संयुक्त रूप से माल्या और उनकी कंपनियों किंगफिशर एयरलाइंस लि., यूनाइटेड ब्रेवरीज (होल्डिंग्स) और किंगफिशर फिनवेस्ट (इंडिया) लि. ने पेश किया है। न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ और न्यायमूर्ति आर.एफ. नरीमन की पीठ ने बैंकों को उनके इस प्रस्ताव पर अपनी बात रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई सात अप्रैल को होगी।

किंगफिशर और माल्या की ओर से खड़े हुए वकील सी.एस. बैद्यनाथन ने पीठ की कार्रवाई शुरू होते ही बताया कि उन्होंने बैंकों की टोली को एक प्रस्ताव दिया है कि इस समय जो परिस्थितियां हैं उसमें क्या किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव की प्रतियां बैंकों को दे दी गई है।

बैंकों के कंसोर्टियम की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि वह पहले इस प्रस्ताव को पढ़ना चाहेंगे, उसके बाद ही इसका जवाब दिया जा सकता है। माल्या और किंगफिशर के वकील बैद्यनाथन ने कोर्ट से अनुरोध किया कि इस प्रस्ताव को फिलहाल मोहरबंद लिफाफे में ही रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह आग्रह इसलिए है, क्योंकि बैंकों से अभी बातचीत चल रही है और मीडिया में इसकी चर्चा छिड़ने पर बातचीत का वातावरण दूषित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि संबद्ध पक्षों के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। अदालत ने वकील से यह भी पूछा कि क्या माल्या भारत में हैं। क्या वह भारत आ चुके हैं। इस पर वकील ने कहा कि माल्या अभी विदेश में हैं और उनके साथ उनकी कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात हुई है।

गौरतलब है कि सरकार ने नौ मार्च को पिछली सुनवाई पर कोर्ट को सूचित किया कि विभिन्न बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाने के मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे माल्या कुछ दिन पहले ही देश से बाहर चले गए हैं। उसके बाद कोर्ट ने माल्या को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में बैंकों की अर्जी का जवाब देने को कहा था।

किंगफिशर से बकाया चुकाने की पेशकश मिली : एसबीआई
ठप खड़ी किंगफिशर एयरलाइंस के ऋणदाताओं ने बुधवाकर कहा कि उन्हें कंपनी की ओर से ऋण के निपटान की पेशकश मिली और वे इस प्रस्ताव को देखेंगे।

एसबीआई ने एक बयान में बुधवार को कहा कि उसकी अगुवाई वाले कंसोर्टियम को किंगफिशर एयरलाइंस से ऋण के निपटान का प्रस्ताव मिला है। एसबीआई ने कहा कि वह कंसोर्टियम के अन्य सदस्यों के साथ इस प्रस्ताव पर विचार करेगा।