बीजेपी लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव साथ-साथ कराने के प्रस्ताव पर जोर दे सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पार्टी की एक बैठक में इसकी पैरवी की थी।

बीजेपी के एक पदाधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी ने 19 मार्च को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में कहा था कि देशभर में स्थानीय निकाय और राज्य चुनाव वस्तुत: हर साल होते हैं, जिससे कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रुकावट आती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सभी चुनाव पांच साल में एक बार कराने को लेकर उत्सुक थे। पदाधिकारी ने बताया, ‘बीजेपी में यह राय है कि पंचायत से लेकर संसद तक के सभी चुनाव साथ होने चाहिए।’

बीजेपी पदाधिकारी ने कहा कि अलग-अलग समय पर चुनाव होने के कारण कल्याणकारी योजनाओं की रफ्तार थम सी जाती है तथा साथ चुनाव होने से करदाताओं के पैसे की बचत भी होगी।

वैसे सभी चुनावों को एकसाथ कराने का विचार बीजेपी के दिग्गज वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी ने बहुत समय पहले दिया था, तथा कई संसदीय समितियों और विधि आयोग ने इस विचार के पक्ष में राय दी है।

बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि बजट सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार की ओर से इस विचार को अनौपचारिक तौर पर रखा, जिसको कुछ बड़ी पार्टियों ने समर्थन दिया।

सूत्रों के अनुसार, ‘बहरहाल, हमें यह पता नहीं कि मामले पर औपचारिक चर्चा शुरू होने के बाद इन दलों की प्रतिक्रिया क्या होगी।’