सांकेतिक तस्वीर

उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर शासन ने सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए होने वाली काउंसलिंग पर रोक लगा दी है। बता दें कि अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 30 मार्च को होनी थी और 31 मार्च को उन्हें नियुक्ति पत्र दिए जाने थे।

राज्य में बीएड टीईटी अभ्यर्थियों के 1200 प्राथमिक शिक्षकों के खाली पदों के लिए प्रकाशित विज्ञापन में दो वर्षीय प्राथमिक शिक्षक डिप्लोमा धारी (डीएलएड) अभ्यर्थियों को शामिल न करने के मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद राज्य सरकार को याची का आवेदन पत्र स्वीकार करने तथा संशोधित विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश 19 मार्च को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने दिए थे।

मामले के अनुसार अल्मोड़ा निवासी हरीश चंद्र ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसके पास दो वर्षीय एलीमेंट्री टीचर एजुकेशन में डिप्लोमा के साथ सीटीईटी की योग्यता है और वह नियमानुसार प्राथमिक शिक्षक चुने जाने की योग्यता रखता है।

याचिका में कहा कि सरकार की ओर से 17 फरवरी 2016 को जारी विज्ञापन में केवल बीएड टीईटी अभ्यर्थियों को ही आमंत्रित किया है, जिस कारण याची का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पहले एकलपीठ ने राज्य सरकार को याची का आवेदन पत्र स्वीकार करने तथा संशोधित विज्ञप्ति जारी करने के आदेश दिए थे।

इसी क्रम में एससीईआरटी ने 27 मार्च की शाम सूची जारी कर अभ्यर्थियों को जिले भी आवंटित कर दिए थे। उन्हें आवंटित जिलों में बुधवार को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था, लेकिन बुधवार को ही अचानक प्रारंभिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने आदेश पारित कर चयन प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोक दी।