उत्तराखंड हाईकोर्ट की ओर से 31 मार्च को बहुमत परीक्षण का आदेश दिए जाने के बाद कांग्रेस ने इसके लिए जोरदार तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश पार्टी प्रभारी अंबिका सोनी बुधवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अस्थायी राजधानी देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची। यहां से वह बीजापुर गेस्ट हाउस के लिए रवाना हो गई।

अंबिका सोनी दोपहर साढ़े तीन बजे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायकों संग बैठक करेंगी। इससे पहले वह उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलेंगी। अंबिका सोनी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायकों से बहुमत परीक्षण को ‌लेकर ‌मंथन करेंगी।

उधर, मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने कांग्रेस के विधायकों की भी देर शाम इंदिरा हृदयेश के आवास पर बैठक हुई और इसमें बहुमत परीक्षण को लेकर बातचीत हुई। नौ बागी विधायकों के अंकगणित को भी टटोला गया। यह भी स्वीकार किया गया कि स्टिंग से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की छवि को नुकसान पहुंचा है।

मंगलवार को आए हाईकोर्ट के निर्णय के बाद यह भी कहा जा रहा है कि इससे कांग्रेस को बहुत हद तक संभलने का मौका भी मिला है। ऐसे में ‘चेंज ऑफ गार्ड’ (मुख्यमंत्री बदलने) की भी चर्चा रही। इसमें इंदिरा हृदयेश का नाम लिया जाता रहा पर इसकी पुष्टि नहीं की गई।

राष्ट्रपति शासन के बाद भी राज्य में सियासी समीकरणों के हर पल बदलने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। हाईकोर्ट की एकल पीठ के फैसले के निहितार्थ तलाशने में कांग्रेस अब जुट गई है।

मंगलवार देर शाम इंदिरा हृदयेश के आवास पर चाय पार्टी के बहाने इस पर कांग्रेस विधायकों के बीच बातचीत भी हुई। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी इस बैठक में शामिल हुए। दिन में गतिविधियों का केंद्र बीजापुर हाउस था। शाम को इस केंद्र के इंदिरा हृदयेश के आवास में शिफ्ट होने को कांग्रेस के अंदरूनी सियासी समीकरणों के बदलाव का संकेत भी माना गया।

ऐसे में चेंज ऑफ गार्ड की कांग्रेस में तेजी से चर्चा मिली। यह भी कहा गया कि स्टिंग ऑपरेशन में उलझे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की छवि को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, बहुमत परीक्षण के आदेश से यह भी माना गया कि इससे रावत की छवि को हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई भी हुई है।

बहुमत परीक्षण का ही सबब है कि बुधवार को कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी भी देहरादून पहुंच रही हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी प्रभारी किसी भी सूरत में कांग्रेस के बागी विधायकों से बात करने के मूड में नहीं है।