उत्तराखंड के 16 साल के इतिहास में राज्य में पहली बार राष्ट्रपति शासन लागू हुआ है। आम आदमी अभी तक जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ही काम कराता रहा है, लेकिन बदले माहौल में यही सवाल उठता है कि राष्ट्रपति शासन में जनता कौन सा दरवाजा खटखटाए।

समस्या का समाधान तलाशने के लिए आम लोग कहां जाएंगे। इसी मुद्दे पर मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में कुछ उपाय बताए, ताकि आम लोगों को राष्ट्रपति शासन लागू होने से कोई नुकसान न हो। शत्रुघ्न से बातचीत के खास अंश…

सवाल : आम जनता अब समस्या, काम आदि लेकर किसके पास जाएगी, इसके लिए क्या व्यवस्था की है?
जवाब : सरकार हमेशा विद्यमान रहती है, राष्ट्रपति शासन और निर्वाचित सरकार में एक ही सरकारी तंत्र काम करता है, इसलिए जनता को दिक्कतें नहीं होंगी।

सवाल : फिर भी आपने एहतियातन क्या तैयारी की है?
जवाब : कमिश्नर व जिलाधिकारियों को सतर्क किया है कि किसी भी हाल में पब्लिक ग्रीवेंस सिस्टम को मजबूत करें और जनता के लिए हर समय उपलब्ध रहें। यदि जनप्रतिनिधियों को काम हैं तो विभागीय सचिवों व प्रमुख सचिवों से भी मिल सकते हैं। यदि इस स्तर से समस्या का समाधान नहीं होता तो महामहिम राज्यपाल के नवनियुक्त सलाहकारों या खुद मुझसे भी मिल सकते हैं।

सवाल : लेकिन सवाल आमजन की शिकायत का है?
जवाब : सभी जिलों में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने वाले पोर्टल हैं। उन्हें तत्काल सक्रिय करने को कहा है। सीएम सचिवालय में शिकायत प्रकोष्ठ है, लेकिन बदली परिस्थितियों में राजभवन में पहले से ही संचालित शिकायत प्रकोष्ठ का दायरा बढ़ाया जा रहा है, ताकि आम जनमानस की शिकायतें और जरूरतें पूरी हो। पहले से ही समाधान पोर्टल चल रहा है, उसका स्ट्रेंथन किया जाएगा।