उत्तराखंड में मचा सियासी बवाल राष्ट्रपति शासन लगने के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रहा। हरीश रावत ने एक बार फिर उनके पक्ष में बहुमत होने का दावा किया है। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद सियासी गलियारों में उठापटक तेज हो गई है। इस बीच उत्तराखंड के सियासी बवाल को लेकर अंक गणित का एक अनोखा संयोग सामने आया है।

जो लोग अंक शास्त्र में भरोसा रखते हैं वे जरूर इस अजीब संयोग से उत्तराखंड के राजनीतिक भविष्य के बारे में जानकारी दे सकते हैं। उत्तराखंड के इस सियासी बवाल में अंक ‘9’ का अजीब संयोग देखने को मिल रहा है।

यह अजीब और रोचक तथ्य यह है कि रावत सरकार के लिए ‘9’ का अंक शुभ नहीं है। और इससे भी रोचक तथ्य है कि ‘9’ का यह आंकड़ा उत्तराखंड की राजनीति से गहराई से जुड़ा हुआ है। चलिए जानते हैं इस ‘9’ अंक के इस जादुई आंकड़े को ने टेढ़ी चाल चलकर कैसे हरीश रावत को पस्त कर दिया है।

यह तो आप सभी जानते हैं कि कांग्रेस के ‘9’ बागी विधायकों ने हरीश रावत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंका और रावत सरकार बुरी तरह हिल गई। कांग्रेस के बागियों को 27 यानी (2+7)= ‘9’ बीजेपी विधायकों का साथ मिला और उन्होंने अपने पक्ष में 36 यानी (3+6)= ‘9’ विधायकों के समर्थन की बात करते हुए रावत सरकार को अल्पमत में बताया। रोचक बात यह है कि जिस दिन यह घटना हुई उस दिन 18 तारीख थी यानी (1+8) = ‘9’, जिसने रावत सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर दी।

इसके बाद राज्यपाल केके पॉल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को बहुमत साबित करने के लिए 28 तारीख तक का समय दिया लेकिन इससे एक दिन पहले 27 तारीख यानी (2+7)= ‘9’ को ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया।

एक मजेदार बात यह भी है कि रावत सरकार का अंतिम बजट सत्र ‘9’ मार्च को शुरू हुआ और साल 2016 के सभी अंकों को भी जोड़ लिया जाए तो (2+0+1+6)= ‘9’ अंक ही आता है। यही नहीं सियासी उठापटक के बीच राज्य में धारा 144 लगाई गई जिसके अंकों का कुल योग भी (1+4+4)= ‘9’ ही आता है।

‘9’ अंक का संयोग यहीं खत्म नहीं होता। बता दें कि उत्तराखंड की स्थापना भी 9 तारीख (9 नवंबर 2000) को ही हुई थी। यही नहीं हरीश रावत राज्य के आठवें मुख्यमंत्री थे और अब जो भी नया मुख्यमंत्री बनेगा उसका नंबर भी ‘9’ है। इससे भी बढ़कर यह कि हरीश रावत सरकार के लिए मुसीबत बीजेपी के प्रदर्शन में शक्तिमान घोड़े की टांग टूटने के बाद ही आई। अब आप अंग्रेजी में घोड़े का नाम लिख कर देखें ‘SHAKTIMAN’, जी हां इस नाम में भी अंग्रेजी के ‘9’ अल्फाबेट आते हैं।
राज्य में अब राष्ट्रपति शासन लागू है और अंग्रेजी में इसे प्रेसिडेंट रूल कहते हैं और President में भी कुल ‘9’ अल्फाबेट आते हैं।