उत्तराखंड में मौजूदा राजनीतिक संकट पर एक ओर केंद्रीय मंत्रिमंडल की शनिवार को बैठक हुई, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने राज्य में उसकी सरकार को बहुमत प्राप्त होने पर जोर देते हुए एक ‘निर्वाचित सरकार’ को ‘मजाकिया स्टिंग ऑपरेशन’ के आधार पर गिराने के प्रयास की आलोचना की।

कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित आपात संवाददाता सम्मेलन में पार्टी की महासचिव अंबिका सोनी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और बीजेपी की कटु आलोचना करते हुए उन पर राज्य में हरीश रावत सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कोई संवैधानिक संकट नहीं होने के बावजूद बीजेपी वहां राष्ट्रपति शासन लगाकर राज्य की कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए बेचैन है।

अंबिका ने संवाददाताओं से कहा, ‘बागियों और बीजेपी को हाईकोर्ट से झटका मिलने के बाद अब जो हो रहा है, वह ड्रामा का अंतिम अध्याय है।’ उन्होंने कहा, जब लोकतांत्रिक प्रक्रिया चल रही है और मुख्यमंत्री सोमवार को बहुमत साबित करने वाले हैं, ऐसे में यह ‘लोकतंत्र का मजाक बनाना है।’

उन्होंने कहा, ‘हमारी चिंता है कि राज्यपाल की ओर से शुरू की गई लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया जा रहा है।’ अंबिका ने दावा किया कि सदन में रावत सरकार को बहुमत प्राप्त है और वह 28 मार्च को इसे साबित करने को तैयार हैं।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को ‘दल बदल स्थिति’ पर फैसला देने का पूरा अधिकार है और उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। इस दौरान कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी छोटे राज्यों में सरकार गिराना चाहती है, जिनके पास केन्द्र से लड़ने का संसाधन नहीं है।