DGP के खिलाफ कोर्ट जाएंगे SSP केवल खुराना

आईपीएस अधिकारी केवल खुराना ने हरिद्वार के मंगलौर थाने में खुद के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाया है। उन्होंने एफआईआर में नियमों को ताक पर रखने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में वह डीजीपी के फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में गदरपुर से हाल ही में हटाए गए एसओ प्रदीप राणा के दबाव में ही रविंद्र ने उनके खिलाफ शिकायत दी है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि जिस मुकदमे को स्थानांतरित करने का आरोप लगाया जा रहा है, उसे उन्होंने गृह सचिव के कहने पर टिहरी स्थानांतरित किया था।

गौरतलब है कि शुक्रवार को डीजीपी बीएस सिद्धू के निर्देश पर आईपीएस अधिकारी केवल खुराना के खिलाफ हरिद्वार के मंगलौर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन पर पद के आचरण के विपरीत कार्य करने का आरोप है। एफआईआर के साथ ही खुराना को ऊधमसिंह नगर के एसएसपी पद से हटाकर सीएम का ओएसडी बना दिया गया। खुराना ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।

उनके अनुसार धारा 166ए, 217, 218 आइपीसी में दर्ज यह मुकदमा नियमों के विपरीत है। पुलिस मैनुअल के हिसाब से बिना सरकार की अनुमति के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई जा सकती। हालांकि, शासन इस मामले में पूर्व में ही संज्ञान लेकर डीजीपी को तलब कर चुका है। खुराना की मानें तो देहरादून में एसएसपी रहते उनके पास डीआइजी का चार्ज था। इस बीच फैक्ट्री में आग के मुकदमे को गृह सचिव के कहने पर टिहरी जिला स्थानांतरित किया गया था।

अगर मुकदमे से किसी का नाम निकाला गया या धाराओं को शिथिल किया गया तो इससे उनका लेना-देना नहीं है। 23 फरवरी को छुट्टी होने के बावजूद इस एफआईआर के लिए आदेश हुए और इसकी कॉपी भी कुछ ही देर बाद हरिद्वार पहुंच गई। एफआईआर ऑनलाइन दर्ज न कर इसे मैनुअल दर्ज किया जाना संदिग्ध है। साथ ही इस पर न कोई पत्रांक है और न ही थाने की मुहर लगी है।

खुराना का कहना है कि मुकदमा दर्ज कराने वाले रवींद्र का गदरपुर थाने के एसओ रहे प्रदीप राणा से ताल्लुक है। ग्राम नगला सालारू, कोतवाली मंगलौर में उसका घर प्रदीप राणा के घर के पास ही है। खुराना ने बताया कि पूर्व में रवींद्र ने शिकायत दर्ज कराई थी तो उसमें गृह सचिव पर भी आरोप लगाए थे। उस वक्त इस मामले की जांच डीआइजी गढ़वाल ने की थी। मामला मुख्य सचिव तक पहुंचा तो उनसे भी पूछताछ की गई थी।