उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि यह लोकतंत्र और संविधान की हत्या है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ जनआकांक्षाओं के खून से रंगे हैं। कांग्रेस नेता शकील अहमद ने भी कहा कि उत्तराखंड में लोकतंत्र की हत्या हुई है।

हरीश रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अभी तक हमारे पास आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति शासन से संबंधित पत्र नहीं आया है, इसलिए अभी तो मैं राज्य का मुख्यमंत्री हूं । उन्होंने कहा, बीजेपी पहले दिन से ही मेरी सरकार की खून की प्यासी है। उन्होंने कहा कि शायद यह पहली बार होगा जब मुख्यमंत्री बनने के एक हफ्ते के अंदर ही मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। रावत ने कहा, बीजेपी ने उस समय न तो आपदा राहत की चिंता की, न ही राज्य के विकास की।

रावत ने आरोप लगाया कि केंद्र की बीजेपी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमें धन देने में भी कंजूसी की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंंद्र ने अर्द्धकुंभ के लिए पैसे नहीं दिए, केदारनाथ आपदा राहत के लिए भी धन उपलब्ध नहीं कराया, लेकिन उसके बावजूद हमने अच्छा काम किया। इसलिए केंद्र सरकार हमारे खिलाफ हो गई, उन्हें लगा कि हम तो किसी भी तरह से रुक ही नहीं रहे हैं।

हरीश रावत ने हरक सिंह रावत का नाम लेकर कहा कि जब तक वे मंत्रिमंडल में रहे, मेरे साथी रहे। उन्होंने कहा, मुझे एक ऐसे व्यक्ति के साथ काम करना पड़ा जो हर चीज में पैसा देखता था। उन्होंने बताया कि बेनामी संपत्ति को लेकर बिल लाने पर हरक सिंह रावत ने उन्हें इसे न लाने के लिए कहा। हरीश रावत ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने अपराधियों को अपना खेवनहार बनाया हुआ है।

हरीश रावत ने कहा कि अगर एक बार बागी नेता हरक सिंह रावत और उनका स्टिंग ऑपरेशन करने वाले पत्रकार की सम्पत्ति की जांच करा ली जाए तो बहुत कुछ सामने आ जाएगा। उन्होंने विजय बहुगुणा को फ्रस्टेटेड व्यक्ति करार देते हुए कहा कि वे तो काफी समय से अपने घाव सहला रहे थे। एक धन पिपासु और एक फ्रस्टेटेड व्यक्ति ने राज्य सरकार के खिलाफ साजिश रची।

पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा, विधानसभा अध्यक्ष ने अपने कर्तव्यों का पालन सही से नहीं किया। सरकार बनाने के लिए बीजेपी का समर्थन करने के सवाल पर बहुगुणा ने कहा कि राज्य के हित में है कि वहां सरकार बने। लेकिन ज्यादा जरूरी यह था कि हरीश रावत की सरकार का खात्मा हो। उन्होंने एक बार फिर राज्यपाल केके पॉल पर हमला किया।

बहुगुणा ने कहा कि जानबूझ कर हरीश रावत को बहुमत साबित करने के लिए ज्यादा वक्त दिया गया, अगर 25 तारीख से पहले बहुमत साबित करने को कहा जाता तो उनका पूरा सम्मान था। इसके अलावा बहुगुणा ने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन संविधान के तहत ही लगाया गया है, इसमें सत्ता के दुरुपयोग का कोई मामला नहीं है।

हरीश रावत की प्रेस कॉन्फ्रेंस की अहम बातें…

  • जितना गलत हमें बताया जा रहा है अगर हम सच में उतने ही गलत हैं तो मैं आपको कहना चाहता हूं कि विधानसभा को भंग करे और राज्य में चुनाव करा दे। जनता फैसला कर लेगी।
  • हरीश रावत बोले, हरक सिंह रावत और बीजेपी के नए खेवनहार (स्टिंग करने वाले पत्रकार) की संपत्ति की जांच हो।
  • यह मेरा दुर्भाग्य है कि मुझे ऐसे मंत्री के साथ काम करना पड़ा, जो हर चीज में धन देखता था।
  • ‘हरीश रावत का नहीं, लोकतंत्र का सिर कलम हुआ है।’
  • उत्तराखंड में केंद्र सरकार ने संविधान का कत्ल किया।
  • यह लोकतंत्र, उत्तराखंड की जनता और अंबेडकर के सपनों का कत्ल है।
  • मुझे 24 घंटे का भी वक्त नहीं दिया गया।
  • हरीश रावत ने पूछा- हमारा सर कलम क्यों हुआ?
  • साजिश के तहत पैसों का लालच देकर गिराई गई मेरी सरकार।
  • BJP पहले दिन से ही हमारी सरकार की खून की प्यासी थी।
  • हमारी सरकार फिर आएगी, हम बेहतर काम करेंगे
  • उत्तराखंड के बजट में कटौती कर केंद्र ने मंसूबे साफ कर दिए थे।
  • 2013 में ही बीजेपी प्रदेश की सरकार को गिराने के पक्ष में थी।
  • दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस कर राज्यपाल को धमकाया गया।
  • मैं जनता की अदालत में जाऊंगा।