उत्तराखंड में चल रही सियासी उठापटक के बीच अब तमाम विधायकों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। इस बात की जानकारी जुटाई जा रही है कि किन-किन विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, सरकार में मुकदमे वापसी के लिए आए आवेदनों की फाइलें को भी टटोला जा रहा है।

उत्तराखंड में चल रही सियासी उठापठक के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेजी से चल रहा है। कांग्रेस और बीजेपी की ओर से एक-दूसरे पर किए जा रहे हमलों में संगठन से लेकर सरकार तक की छवि को धूल-धूसरित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। अब निशाने पर विधायक हैं।

राजनीति में होने के कारण नेताओं पर छोटे-मोटे मुकदमे तो दर्ज होते ही रहते हैं, लेकिन किसी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज हो तो मामला गंभीर हो जाता है। हालांकि, नेतागिरी की आड़ में इन्हें राजनीति से प्रेरित बताकर पेश किया जाता है। सूत्रों की मानें तो इन दिनों सभी विधायकों की कुंडली खंगाली जा रही है।

इसमें देखा यह जा रहा है कि विधायकों के खिलाफ किस प्रकृति के मामले दर्ज हैं। जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, उनका अलग से डाटा बनाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो घटनाक्रम के शुरुआत में दो विधायकों की मुकदमों से संबंधित फाइलों को खूब खंगाला गया। हालांकि, इन पर इतनी कसरत क्यों हुई इसकी जानकारी नहीं मिल पायी।

माना यह भी जा रहा है कि यह पूरी कवायद अगले साल प्रस्तावित विधानसबा चुनावों को लेकर की जा रही है, ताकि जरूरत पडऩे पर जनता के सामने इन विधायकों के आपराधिक इतिहास का पूरा चिट्ठा रखा जा सके। आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चल रही जंग में भी यदि इनका इस्तेमाल होता है तो इसमें कोई अचरज नहीं होना चाहिए।