उत्तराखंड मुख्यमंत्री के खिलाफ विधायकों की खरीद फरोख्त की सीडी जारी होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा एक बार फिर खुलकर हरीश रावत और विधानसभा स्पीकर के खिलाफ सामने आ गए। उन्होंने मीडिया के सामने आकर ‌स्पीकर पर गंभीर आरोप लगाए और राज्यपाल को भी नहीं बख्शा।

बहुगुणा ने सीधे स्पीकर और राज्यपाल को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने दल-बदल कानून के तहत नोटिस दिया, लेकिन नोटिस में सदन में सरकार के बिल का विरोध करने का कोई जिक्र नहीं है। स्पीकर पूरी तरह पक्षपात पूर्ण रवैया अख्तियार किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ होना पार्टी के खिलाफ होना नहीं है।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी उनसे दूरी बनाए रखने का आरोप लगाया। बहुगुणा ने कहा कि पिछले दो साल में राहुल गांधी ने उनसे मिलने का वक्त नहीं दिया। कहा कि उनकी कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से कोई नाराजगी नहीं है और वे पार्टी का सम्मान करते हैं। उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ से बाहर बताया है। साथ ही लोकतंत्र को बचाने के लिए केंद्र सरकार को सजग होने की बात भी कही।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के विरोध में 36 विधायक बाहर सड़क पर हैं। इसमें 27 विधायक बीजेपी और 9 कांग्रेस के हैं। ऐसे में हरीश रावत के पास मुख्यमंत्री बने रहने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है। इस बारे में हमने राज्यपाल महोदय को पूरी जानकारी दी, लेकिन राज्यपाल महोदय ने पद का दुरुपयोग करते हुए मुख्यमंत्री को बहुमत साबित करने के लिए लंबा वक्त दिया। बहुगुणा ने राष्ट्रपति से राज्यपाल को हटाने की मांग करते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।