उत्तराखंड के बागी कांग्रेस विधायक हरक सिंह रावत ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल से उन्हें 18 मार्च को विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने वाले सदस्यों की सूची तथा पूरे दिन की गतिविधियों की असंपादित वीडियो रिकार्डिंग सहित कई दस्तावेज उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए इन दस्तावेजों को उपलब्ध कराए जाने के बाद कम से कम 15 दिनों का समय भी दिया जाए।

अपने पत्र में विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल द्वारा 19 मार्च को जारी ‘कारण बताओ नोटिस’ का संदर्भ देते हुए रावत ने कहा, ‘नोटिस का पर्याप्त जवाब दाखिल करने के मद्देनजर मैं आपसे निम्नलिखित (दस्तावेजों) को कृपया जल्दी से जल्दी उपलब्ध कराने की प्रार्थना करता हूं।’

विधानसभा अध्यक्ष को शुक्रवार को मिले पत्र में पूर्व कृषि मंत्री ने कहा है कि उन्हें 18 मार्च को विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने वाले सभी व्यक्तियों की सूची उपलब्ध कराई जाए तथा 18 मार्च या उसके बाद उत्तराखंड विधानसभा के किसी भी सदस्य द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए लिखित ज्ञापनों और याचिकाओं की साफ पठनीय प्रतियों सहित उनका विस्तृत विवरण तथा उन पर अध्यक्ष द्वारा की गई कार्रवाई का विवरण दिया जाए।

हरक ने 18 मार्च को सदन में पहले सदस्य के प्रवेश करने से लेकर आखिरी सदस्य के जाने तक उत्तराखंड विधानसभा की पूरे दिन की गतिविधियों की पूरी असंपादित वीडियो रिकार्डिंग भी अध्यक्ष से उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उन्होंने अध्यक्ष से राज्य सरकार के खिलाफ राज्यपाल को कथित रूप से सौंपे गए बीजेपी विधायकों के दस्तखतों के साथ उनके दस्तखतों वाले संयुक्त ज्ञापन की साफ और पठनीय प्रतियां देने को भी कहा। हरक रावत ने अपने पत्र में सदन में बीजेपी विधायकों के साथ कथित रूप से उनके नारे लगाने तथा कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते दिखाई देने के बारे में भी पुख्ता सबूत देने को कहा है।

बागी कांग्रेस नेता ने अध्यक्ष को इस संबंध में भी पुख्ता सबूत उपलब्ध कराने का आग्रह किया है कि वह बीजेपी विधायकों के साथ बस में सफर कर दिल्ली गए और उनके साथ होटल में रहे। अपने पत्र में हरक ने कहा, ‘यह कहना गलत नहीं होगा कि ‘कारण बताओ नोटिस’ में लगाये गए आरोप अनुमानों और सुनी-सुनाई बातों पर आधारित हैं और इसलिए उसका सही जवाब देने के लिए इस संबंध में मांगे गए विवरण, दस्तावेज और वीडियो रिकार्डिंग बहुत महत्वपूर्ण हैं, जिनके अभाव में मैं अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का सही प्रकार से जवाब देने में समर्थ नहीं हूं।’

उन्होंने आगे कहा कि वैसे भी इस ‘कारण बताओ नोटिस’ को बार-बार संशोधित किए जाने, आखिरी संशोधित नोटिस 22 मार्च को पहुंचने और उसके बाद होली की छुटिटयां हो जाने के कारण उन्हें अपने वकीलों से संपर्क करने का समय नहीं मिल पाया। इसलिए इस नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए उन्हें कम से कम 15 दिनों का समय और दिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि 18 मार्च को विधानसभा में हुए हंगामे के एक दिन बाद अध्यक्ष कुंजवाल ने हरक सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा तथा सात अन्य कांग्रेस विधायकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करते हुए 26 मार्च शाम पांच बजे तक उसका जवाब दाखिल करने को कहा था।