उत्तराखंड विधानसभा में 28 मार्च को राज्य की हरीश रावत सरकार के शक्ति परीक्षण से पहले मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने गुरुवार को दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और प्रगतिशील लोकतांत्रिक मोर्चा (पीडीएफ) के कम से कम पांच और विधायक उसकी तरफ आने को तैयार हैं।

बीजेपी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने अस्थायी राजधानी देहरादून में कहा, ‘राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस और पीडीएफ गठबंधन के कम से कम पांच और विधायक हमारी तरफ आने को तैयार हैं और इनमें से कुछ के पास तो मंत्रिस्तरीय पद भी हैं।’

उन्होंने कहा, ‘वे हमारे संपर्क में हैं और अगर 28 मार्च को सदन में सरकार के विश्वासमत पर मतदान के दौरान विधानसभा का अंकगणित दोनों पक्षों के लिए बराबर रहता है तो वे हमारे पक्ष में आने के लिए तैयार हैं।’ इस संबंध में हालांकि उन्होंने इन विधायकों का नाम बताने से इंकार कर दिया।

दल बदल कानून का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा कि इस संबंध में कानून बिल्कुल साफ है। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा अध्यक्ष किसी सदस्य को केवल दो आधार पर ही अयोग्य ठहरा सकते हैं। एक-जब वह सदन में पार्टी व्हिप का उल्लंघन करे और दूसरा-जब वह दूसरे दल में चला जाए।