उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार में चल रही उथल-पुथल के बीच विधानसभा सचिव जगदीश चंद्र ने चिट्ठी लिखकर सूचना दी है कि हरीश रावत सरकार 28 मार्च को सदन में बहुमत साबित करेगी।

बताया जा रहा है कि राज्य की कांग्रेस सरकार ने 28 मार्च को विधानसभा का सदन बुलाया है। इससे पहले राज्यपाल ने रावत सरकार को बहुमत साबित करने का समय दिया था। अब समय सीमा के अंतिम दिन ही रावत सरकार ने सदन में बहुमत सिद्ध करने का फैसला लिया है।

स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के मामले में 28 मार्च को कार्यवाही नहीं हो सकती, क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव के 14 दिन बाद ही कार्यवाही होती है। वहीं, विपक्ष और बागियों ने राज्यपाल को 18 मार्च को स्पीकर के खिलाफ अविश्वास पत्र दिया था और नियमानुसार 2 अप्रैल को 14 दिन का समय पूरा होगा, जबकि 28 मार्च को रावत सरकार सदन में बहुमत साबित करेगी। इस दौरान कुंजवाल स्पीकर की भूमिका में रहेंगे।

सरकार के अल्पमत में आ जाने की दलील देते हुए उसे तुरंत बर्खास्त करने की बीजेपी की मांग को नजरअंदाज करते हुए राज्यपाल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को 28 मार्च तक का समय दिया था। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बार फिर दोहराया कि उनकी सरकार को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी उत्तराखंड में सियासी अस्थिरता की होली खेल रही है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल द्वारा विश्वासमत हासिल करने का मौका देने पर आभार जताया।

सीएम रावत ने मंत्री दिनेश अग्रवाल के होली मिलन कार्यक्रम में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को होली की बधाई देता हूं, लेकिन यह दुखद है कि उनकी पार्टी दलबदल के सहारे उत्तराखंड में अस्थिरता की होली खेल रही है।’