उत्तराखंड में चार साल पुरानी कांग्रेस सरकार शुक्रवार रात संकट में घिर गई। कांग्रेस के नौ विधायकों ने बगावत का झंडा बुलंद करते हुए सरकार गठन का दावा पेश करने वाली बीजेपी का समर्थन किया है। इस बगावत में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की अहम भूमिका मानी जा रही है।

शुक्रवार देर शाम ही कृषि मंत्री हरक सिंह रावत ने राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। हालांकि शनिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हरक का इस्तीफा नहीं मिला है, उन्होंने सिर्फ मीडिया में ही इस्तीफा दिया है। बाद में हरक को मंत्रिमंडल से बर्खास्त भी कर दिया गया।

शुक्रवार देर शाम ही पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से इस्तीफे की मांग करके उनकी मुश्किल और बढ़ा दी। शनिवार को हरीश रावत ने बहुगुणा के पिता स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस नेता हेमवती नंदन बहुगुणा का नाम लेकर विजय बहुगुणा की जमकर आलोचना की। रावत ने कहा, हेमवती नंदन बहुगुणा का बेटा ऐसा करेगा, किसी ने नहीं सोचा होगा। आज स्वर्ग में हेमवती नंदन बहुगुणा की आत्मा भी दुखी होगी।

विजय बहुगुणा के बारे में…

  • विजय बहुगुणा स्वतंत्रता सेनानी और कांग्रेस के नेता रहे हेमवती नंदन बहुगुण के बेटे हैं। हेमवती नंदन बहुगुणा कांग्रेस में काफी बड़ा कद रखते थे। वे उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे थे।
  • उत्तर प्रदेश की वरिष्ठ कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा, विजय बहुगुणा की बहन हैं।
  • विजय बहुगुणा मूल रूप से टिहरी जिले के रहने वाले हैं, लेकिन लंबे समय से बहुगुणा का परिवार उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में रहता रहा है।
  • विजय बहुगुणा के बेटे का नाम साकेत बहुगुणा है, जो पिता की राजनीति में गहरा दखल रखते हैं।
  • 2012 में उत्तराखंड में कांग्रेस को बहुमत मिला। उस वक्त कांग्रेस हाईकमान ने हरीश रावत की अनदेखी कर टिहरी से सांसद रहे विजय बहुगुणा को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया था।
  • इसके बाद से ही विजय बहुगुणा और हरीश रावत उत्तराखंड की राजनीति में एक-दूसरे के विरोधी रहे हैं। 2013 में उत्तराखंड में भयानक आपदा आई। विजय बहुगुणा पर आपदा के दौरान लापरवाही के आरोप लगे। इसी के चलते नाराज कांग्रेस हाईकमान ने फरवरी, 2014 में विजय बहुगुणा को हटाकर हरीश रावत को मुख्यमंत्री बना दिया।
  • इसके बाद रावत और बहुगुणा में टकराव और भी बढ़ गया। फिलहाल विजय बहुगुणा उधमसिंह नगर जिले में सितारगंज विधानसभा सीट से विधायक हैं।
  • विजय बहुगुणा, हरीश रावत के साथ-साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी नाराज बताए जा रहे हैं।
  • बहुगुणा के मुताबिक पिछले ढाई साल से राहुल गांधी ने उन्हें मिलने तक का समय नहीं दिया है।
  • आखिरकार 18 मार्च 2016 को विजय बहुगुणा ने बीजेपी से हाथ मिलाकर हरीश रावत सरकार को अस्थिर कर दिया।