सरकार ने पीपीएफ, किसान विकास पत्र (केवीपी) और वरिष्ठ नागरिक जमा योजना सहित विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर देय ब्याज की दरें घटा दी हैं। इसका मकसद इन बचत योजनाओं को बाजार दरों के समतुल्य लाना है। हालांकि सरकार के इस कदम से छोटी बचत योजनाओं में निवेश पर भरोसा करने वाले आम लोगों को झटका लगेगा।

लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) पर ब्याज दर 8.7 प्रतिशत से घटाकर 8.1 प्रतिशत कर दी गई है। नई दर एक अप्रैल से 30 जून तक के लिए है। इसी प्रकार, किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 8.7 प्रतिशत से घटाकर 7.8 प्रतिशत, जबकि पांच साल की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज 8.6 प्रतिशत मिलेगा, जो फिलहाल 9.3 प्रतिशत है।

वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार बालिकाओं के लिए शुरू की गई सुकन्या समृद्धि खाते पर अब 9.2 प्रतिशत के बजाए 8.6 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है, क्योंकि हर साल मार्च में ब्याज दरों का पुनर्निर्धारण किया जाता है।

उन्होंने कहा, ‘इससे बैंक अपनी जमा दरें घटा पाएंगे और आम लोगों तथा कर्ज लेने वालों को ऋण कम ब्याज दर पर दे सकेंगे।’ हालांकि पहले ब्याज दर पूरे साल के लिए निर्धारित होती थी, लेकिन अब सरकार हर तिमाही ब्याज दर निर्धारित करेगी जो सरकारी प्रतिभूतियों के पिछले तीन महीने के रिटर्न पर आधारित होगी।

डाक घर बचत पर ब्याज दर 4.0 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है, जबकि एक से पांच साल की मियादी जमाओं पर ब्याज दरें कम की गई हैं। लोकप्रिय पांच वर्षीय राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्रों पर ब्याज दर एक अप्रैल से 8.1 प्रतिशत होगी जो फिलहाल 8.5 प्रतिशत है।

पांच वर्षीय मासिक आय खाते पर ब्याज अब 7.8 प्रतिशत मिलेगा, जो फिलहाल 8.4 प्रतिशत है। शक्तिकांत दास ने संवाददाताओं से कहा, ‘लघु बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों को बाजार से जोड़ने और बाजार समतुल्य बनाने के मकसद से यह कदम उठाया गया है।’

यह पूछे जाने पर कि बैंक कब ब्याज दर में कटौती करेंगे, उन्होंने कहा, ‘बैंक को खुद निर्णय करना होगा। सरकार ने उन्हें संकेत दे दिया है। यह बैंकों पर है कि वे निर्णय लें और आगे बढ़ें।’ वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार एक-दो और तीन साल की डाक घर मियादी जमाओं पर ब्याज दर फिलहाल 8.4 प्रतिशत है। लेकिन एक अप्रैल से एक साल की मियादी जमा पर 7.1 प्रतिशत, दो साल के लिये 7.2 प्रतिशत तथा तीन साल की मियादी जमा पर 7.4 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।

पांच साल के लिए मियादी जमा पर एक अप्रैल से 7.9 प्रतिशत ब्याज मिलेगा, जो फिलहाल 8.5 प्रतिशत है। वहीं पांच साल के आरडी (रेकरिंग डिपोजिट) पर ब्याज दर 8.4 प्रतिशत से घटाकर 7.4 प्रतिशत कर दी गई है।

वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के लिए ब्याज दरों की घोषणा करते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘सरकार के निर्णय के आधार पर छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें तिमाही आधार पर अधिसूचित होंगी।’ सरकार ने 16 फरवरी को छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज को बाजार दरों के समरूप किए जाने की घोषणा की थी।

उस दिन डाक घर बचत पर ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की गई थी, लेकिन पीपीएफ, एमआईएस (मासिक आय योजना), वरिष्ठ नागरिक बालिकाओं की योजनाओं जैसी दीर्घकालीन योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं किया था।

डाकघर में एक, दो और तीन साल की मियादी जमाओं, किसान विकास पत्र के साथ पांच वर्षीय आरडी पर अब तक समान अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों के मुकाबले 0.25 प्रतिशत अधिक ब्याज मिलता था। वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह लाभ अब एक अप्रैल 2016 से वापस ले लिया गया है।

सरकार ने 16 फरवरी को सुकन्या समृद्धि योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना तथा मासिक आय योजना (एमआईएस) पर मिलने वाले ब्याज में कोई बदलाव नहीं करते हुए कहा था कि ये योजनाएं सामाजिक सुरक्षा लक्ष्यों से जुड़ी हैं। सुकन्या समृद्धि योजना, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना तथा मासिक आय योजना पर सरकारी प्रतिभूतियों के मुकाबले क्रमश: 0.75 प्रतिशत, 1.0 प्रतिशत तथा 0.25 प्रतिशत अधिक ब्याज मिलता था।

इसी प्रकार, पांच साल की मियादी जमा तथा इतनी अवधि के राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र तथा पीपीएफ के ब्याज में कोई बदलाव नहीं किया गया था। लेकिन इन सभी योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में कटौती की गई है। ब्याज दर में संशोधन के बाद किसान विकास पत्र, जिसमें अभी मूल राशि 100 महीने (आठ साल चार महीने) में दोगुनी हो जाती है, वह अब 110 महीने (नौ साल दो महीने) में दोगुनी होगी।

फरवरी में सरकार ने कहा था कि छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर में कटौती से अर्थव्यवस्था को कम ब्याज दर वाली अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी और इससे सभी को विशेषकर कम आय एवं वेतनभोगी वर्ग को फायदा होगा। सरकार ने गंभीर बीमारी या बच्चे की उच्च शिक्षा जैसे वास्तविक मामलों में पीपीएफ खातों को समय से पहले बंद करने की भी मंजूरी दी है।

इसके अनुसार, ‘इसकी मंजूरी पूरी जमा पर देय ब्याज में एक प्रतिशत की कटौती का जुर्माना लगाये जाने के साथ दी जाएगी और केवल उसी खातों के लिए होगी जहां खाता खोलने की तिथि से पांच साल की मियाद पूरी हो गई हो।’ प्रत्येक तिमाही के लिए ब्याज दर उससे पूर्व महीने की 15 तारीख को तय होगी।