कुमाऊं क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ मां पूर्णागिरि मेले में इस दफे पहली बार प्रशासन केदारनाथ की तर्ज पर बायोमीट्रिक सिस्टम लागू करने जा रहा है। बायोमीट्रिक सिस्टम से मेले में आने वाले हर श्रद्धालु की पहचान सहित उसका सही आकंड़ा प्रशासन को मिल पाएगा।

इसके लिए जिला प्रशासन अपनी तैयारियों में जुटा हुआ है। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि इस साल पच्चीस मार्च से पूर्णागिरी मेला शुरू होगा।

मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस के साथ बायोमीट्रिक सिस्टम तकनिकी का पहली बार इस्तेमाल हो रहा है। मेले में बायोमीट्रिक सिस्टम को लागू करने के लिए त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम लिमिटेड एनजीओ निशुल्क प्रशासन को यह सुविधा मुहैया करा रहा है।

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बायोमीट्रिक प्रणाली को पहली बार पूर्णागिरि मेले में प्रयोग में लाया जाएगा। हालांकि नवरात्र में ज्यादा भीड़ होने पर यह सिस्टम चल पाएगा या नहीं इस पर भी जिला प्रशासन की नजर रहेगी।