देहरादून।… उत्तराखंड सरकार ने बुधवार को कहा कि राज्य में नए जिलों के पुनर्गठन के लिए गठित आयोग अपनी रिपोर्ट जल्द ही दे देगा।

यह आश्वासन राजस्व मंत्री यशपाल आर्य ने अस्थायी राजधानी देहरादून में विधानसभा में बीजेपी सदस्य महावीर सिंह रांगड द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दिया।

आर्य ने कहा कि नए जिलों के सृजन पर गठित आयोग उनके लिए मानक तय करने के अलावा इस बात का भी ध्यान रखेगा कि नए जिलों में कितने ब्लॉक, जनसंख्या, पुलिस थाने व गांव शामिल किए जाएंगे ताकि यह प्रक्रिया अच्छे ढंग से निपटाई जा सके।

गौरतलब है रमेश पोखरियाल निशंक के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार द्वारा चार नए जिलों – रानीखेत, डीडीहाट, कोटद्वार और यमुनोत्री, के सृजन की घोषणा की गई थी, लेकिन साल 2012 में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस घोषणा को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। बाद में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद उसने राजस्व परिषद के अध्यक्ष की अध्यक्षता में एक आयोग गठित कर इस पूरे प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

बीजेपी विधायक मदन कौशिक ने जोर देकर पूछा कि क्या तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा पर भी आयोग गठित हो सकता है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री की घोषणा को अमलीजामा पहनाना सरकार का संवैधानिक दायित्व है और उन्हें ऐसा नहीं लगता कि इस पर आयोग गठित किया जाना चाहिए।

बीजेपी के एक अन्य विधायक सुरेंद्र सिंह जीना ने पूछा कि अगर इस मसले पर आयोग गठित किया भी गया था तो उसकी कार्रवाई इतनी धीमी गति से क्यों चल रही है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या सरकार अब इस संबंध में कोई तेजी लाएगी।

इसके जवाब में आर्य ने कहा कि सरकार यह देखेगी कि आयोग जल्द से जल्द इस संबंध में अपनी रिपोर्ट तैयार कर उसे सौंप दे। इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री इंदिरा हृदयेश ने बीजेपी सदस्यों को सलाह देते हुए कहा कि केंद्र में आपकी सरकार है और आप वहां से 500 करोड़ रुपये ले आएं और अपना जिला गठित कर लें।