रंगों के त्योहार होली में अब गिने-चुने दिन रह गए हैं। उत्तराखंड की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में भी होली गायन शुरू हो गया है। शिवरात्री के बाद होली अपने पूरे रंग में आ जाती है। रोजाना शाम को बैठकी होली गाई जाती है।

होली के त्योहार को मनाने के लिए युवा शहरों से छुट्टी लेकर घर पहुंचते हैं। देर रात तक आजकल होली गायन का आयोजन चल रहा है। युवा भी होली सिखने के लिए बुजुर्गों के साथ बैठकर होली गा रहे हैं।

चारों तरफ प्रकृति के रंग देखकर भी आभास होता है कि रंगों के त्योहार होली का आगमन शुरू हो गया है। युवा हो या फिर बुजुर्ग सभी इस रंग में रंगने लगे हैं। बाजार भी होली के लिए सजने लगे हैं। लोग गांवों से खरीद्दारी करने अल्मोड़ा पहुंच रहे हैं। राग-रागनी में गाई जाने वाली होली में देर रात तक चौकड़ी जमने लगी है।

holi

होली का पर्व हो और सांस्कृतिक नगरी में धूम न मचे यह हो नहीं सकता है। यहां तो लोग पौष के महीने से ही होली गाने लगते हैं, अब तो होली का रंग धीरे-धीरे चढ़ने लगा है। होली का त्योहार पूरे देश में एक दिन मनाया जाता है, लेकिन कुमांऊ में होली तीन महीने तक मनाई जाती है।

पहले दो माह बैठकी होली, अब खड़ी होली का आयोजन शुरू हो गया है। व्यस्त जीवन में युवा अब होली की तरफ कम रुची रख रहे हैं।