उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग ने रामगंगा बांध और आवासीय कॉलोनियों को बनाने के लिए वन विभाग से 99 सालों के लिए भूमि लीज पर ली थी। वन विभाग ने सिंचाई विभाग के साथ एक शर्त रखी थी कि जब बांध का निर्माण पूरा हो जाएगा तो वह धीरे-धीरे वन विभाग को जमीन वापस करता रहेगा।

वन विभाग ने सिंचाई विभाग से समय-समय पर वन विभाग को जमीन वापस करने की मांग की, लेकिन यूपी सिंचाई विभाग इस ओर ध्यान देने के बजाय अनजान बना रहा।

इधर दूसरी ओर कॉर्बेट नेशनल पार्क और कालागढ़ टाईगर रिजर्व में बाघों के गलियारे में दखल की शिकयत करते हुए सुप्रीम कोर्ट में भी जनहित याचिकाएं लगती रहीं, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को यह पूरा मामला सौंप दिया।

इस पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने कालागढ़ की आवासीय कॉलोनियों को ध्वस्त करने के आदेश दिए। वहीं दूसरी ओर 14 मार्च को जिला प्रशासन ने कालागढ़ में भारी पुलिस बल तैनात करने के बाद कालागढ़ के आधा दर्जन आवासीय भवनों पर बुलडोजर चला कर उन्हें ध्वस्त कर दिया।

इस दौरान ग्रामीणों और प्रशासन के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं भी हुई। वहीं दूसरी ओर डीएम पौड़ी चन्द्रशेखर भट्ट ने कहा कि एनजीटी को वह 18 मार्च को रिपोर्ट सौंपेगे और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।