सोनीपत से आये कैंसर पीड़ित ने गंगनहर में लगाई छलांग

हरिद्वार के मंगलौर के पास कैंसर पीड़ित एक व्यक्ति ने गंगनहर में छलांग लगा दी। वह उपचार के लिए परिजनों के साथ सोनीपत से हरिद्वार आया था, जहां से लौटते समय टायलेट के बहाने मंगलौर के पास एंबुलेंस रुकवाकर गंगनहर में कूद गया। जानकारी के अनुसार अशोक (42) पुत्र धर्मसिंह पिछले डेढ़ साल से लीवर कैंसर की बीमारी से जूझ रहा था। काफी उपचार के बाद लाचार होकर वह शनिवार को बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ पहुंचा था।

उसके साथ पत्नी बबिता, भाई सतीश के अलावा एक बहन और भतीजा भी आया था। परिजनों के अनुसार हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ से दवा लेकर लौटते समय अशोक निराश और हताश था। बार-बार वह टायलेट की बात कहकर नहर के किनारे एंबुलेंस रुकवाने की बात कह रहा था। जैसे ही मंगलौर के पास नहर किनारे एंबुलेंस के चालक ने वाहन रोका तो अशोक ने नहर में छलांग लगा दी।

उसे बचाने के लिए पत्नी भी नहर में कूदने के लिए दौड़ी, लेकिन परिजनों ने उसे पकड़कर ढांढस बंधाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना देकर गोताखोर भेजने की गुहार लगाई, लेकिन शाम करीब पांच बजे हुए हादसे के दो घंटे बाद भी कोई गोताखोर मौके पर नहीं पहुंचा।

बार-बार गुहार लगाने के बावजूद गोताखोरों के नहीं पहुंचने से निराश होकर परिजन देर शाम सोनीपत के लिए रवाना हो गए, जबकि भाई सतीश आसफनगर झाल पर देर रात तक इंतजार करता रहा।